एसपी प्रफुल्ल कुमार ठाकुर ने किया डभरा थाना का वार्षिक निरीक्षण, रिकॉर्ड से लेकर टर्नआउट तक परखी व्यवस्थाएं, सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर किया ‘एकता वृक्षारोपण’
डभरा। सक्ती जिले के पुलिस अधीक्षक श्री प्रफुल्ल कुमार ठाकुर (भा.पु.से.) ने गुरुवार को थाना डभरा का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाना परिसर की व्यवस्थाओं, साफ-सफाई, अभिलेखों के संधारण, मालखाना, कार्यालयीन रिकॉर्ड तथा पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के टर्नआउट (वेशभूषा) का गहन निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने थाना स्तर पर बेहतर कार्यप्रणाली बनाए रखने, रिकॉर्ड को अद्यतन रखने और आम नागरिकों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण पुलिस सेवा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने थाना परिसर की स्वच्छता, कार्यालयीन व्यवस्था एवं अनुशासन की सराहना करते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्यशैली पारदर्शी, जवाबदेह और जनहित केंद्रित होनी चाहिए, जिससे आम लोगों का विश्वास और मजबूत हो।
वार्षिक निरीक्षण के अवसर पर भारत के लौह पुरुष, देश के प्रथम उपप्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में थाना परिसर में ‘एकता वृक्षारोपण’ कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक श्री प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के नेतृत्व में विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, हरित वातावरण का निर्माण तथा समाज में वृक्षारोपण के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
इस अवसर पर अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी) चंद्रपुर श्री सुमित गुप्ता, थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश पटेल सहित थाना डभरा के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनकी नियमित देखभाल करने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक ने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित भविष्य की नींव भी हैं। उन्होंने नागरिकों से भी पौधरोपण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने और लगाए गए पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी लेने का आह्वान किया।
वार्षिक निरीक्षण और वृक्षारोपण कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण एवं जनसेवा के संकल्प के साथ हुआ।



