गांजा छोड़ अब चरस तस्करी की ओर बढ़े तस्कर, पुलिस ने सालभर में 3 करोड़ का गांजा पकड़ा….
जगदलपुर से बड़ी खबर सामने आ रही है। छत्तीसगढ़–ओडिशा सीमा से जुड़े इलाकों में नशे के तस्करों का ट्रेंड बदलता नजर आ रहा है। पहले जहां गांजा तस्करी मुख्य जरिया था, अब तस्कर तेजी से चरस की तस्करी की ओर रुख कर रहे हैं।
बीते एक वर्ष में बस्तर पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 3 करोड़ रुपये से अधिक कीमत का गांजा जब्त किया है। इस दौरान 83 अलग–अलग मामलों में कुल 126 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के अनुसार, छत्तीसगढ़ सीमा से लगे ओडिशा में बड़े पैमाने पर गांजे की खेती होती है। यहां से तस्कर बैग, कार, मोटरसाइकिल, बस और ट्रक जैसे विभिन्न साधनों से गांजा अन्य राज्यों तक पहुंचाते थे। सस्ते दामों पर गांजा खरीदकर ऊंचे दामों पर बेचने से तस्करों को लाखों–करोड़ों की कमाई होती थी।
हालांकि बीते सालभर में बस्तर पुलिस, नगरनार थाना सहित अन्य थाना क्षेत्रों की कड़ी निगरानी और लगातार कार्रवाई से गांजा तस्करी पर मजबूत शिकंजा कसा गया है। इसी सख्ती के चलते तस्कर अब गांजा ले जाने से बच रहे हैं और चरस जैसे अन्य नशीले पदार्थों की ओर रुख कर रहे हैं।

इस वर्ष बोधघाट थाना पुलिस के लिए भी अभियान काफी सफल रहा है। पुलिस ने गांजे के साथ-साथ चरस, डोडा चूरा, नशीली कैप्सूल और सिरप जैसी मादक सामग्रियों को भी बड़ी मात्रा में जब्त किया है।
पुलिस का कहना है कि नशे के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और तस्करों के बदलते तरीकों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है।



