नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाने वाले आरोपी को 20 साल की सजा: कोर्ट ने लगाया 3 हजार रुपए जुर्माना, कोंडागांव पुलिस की त्वरित कार्रवाई से मिला न्याय..
कोंडागांव। नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने और उसके साथ गंभीर अपराध करने के मामले में न्यायालय ने आरोपी लखेश्वर कश्यप, पिता शमलू राम कश्यप को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 3 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मामला थाना कोंडागांव क्षेत्र का है। 6 फरवरी 2025 को मुलमुला निवासी बुदर विश्वकर्मा ने थाना कोंडागांव में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी नाबालिग बेटी को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। शिकायत पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 95/2025 के तहत धारा 137(2) बीएनएस में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
नाबालिग की तलाश के लिए पुलिस ने तत्काल टीम गठित की। लगातार पतासाजी के दौरान पुलिस ने बालिका को आरोपी लखेश्वर कश्यप के कब्जे से बरामद कर लिया। पीड़िता के बयान और विवेचना में सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ धारा 87, 64, 64(2), 137(2) बीएनएस तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत कार्रवाई की गई।
पुलिस ने विवेचना पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाया। इसके बाद कोर्ट ने उसे 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 3,000 रुपए अर्थदंड से दंडित किया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से नाबालिग को सुरक्षित बरामद किया गया और मामले की विवेचना गंभीरता से पूरी की गई। प्रभावी अभियोजन के जरिए आरोपी को सजा दिलाने में पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक सौरभ उपाध्याय एवं थाना कोंडागांव की पुलिस टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। पुलिस ने कहा कि महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों में त्वरित कार्रवाई के साथ प्रभावी कानूनी प्रक्रिया सुनिश्चित की जा रही है।



