जांजगीर-चांपा। शादी के लिए रिश्ता कराने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले दो शातिर साइबर आरोपियों को जांजगीर-चांपा साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी हेडफोन और ब्लूटूथ डिवाइस की मदद से लड़की की आवाज निकालकर लोगों से बातचीत करते थे। इसके बाद शादी का रिश्ता तय कराने के नाम पर अलग-अलग रकम लेते और पैसे मिलते ही संपर्क तोड़ देते थे।
ऐसे हुआ खुलासा इन जिलों में की ठगी..
पुलिस के मुताबिक, मामले का खुलासा तब हुआ जब अजय राठौर ने 15 अगस्त को साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता के खाते में एक व्यक्ति ने अस्पताल जाने के लिए तत्काल नकदी की जरूरत बताकर फोन-पे के जरिए 2 हजार रुपए ट्रांसफर किए और बदले में नकद राशि ले ली। कुछ दिन बाद बैंक खाते में होल्ड लगने पर पता चला कि खाते में साइबर ठगी की रकम आई थी।
जांच के दौरान पुलिस ने साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज शिकायत और मोबाइल नंबरों के तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। जांच की कड़ी लक्ष्मीनारायण उर्फ लाला साहू निवासी अमोदा और सोनू साहू निवासी चांपा तक पहुंची। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो शादी के नाम पर ठगी का पूरा नेटवर्क सामने आया।
2025 से चल रहा था खेल
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे वर्ष 2025 से ब्लूटूथ डिवाइस और हेडफोन की मदद से लड़की की आवाज निकालकर लोगों से शादी और रिश्ते की बातचीत करते थे। ‘पवित्र रिश्ता डॉट कॉम’ के नाम से प्रचार सामग्री का इस्तेमाल कर लोगों को अपने जाल में फंसाया जाता था। रिश्ता कराने के नाम पर रकम लेने के बाद आरोपियों द्वारा संपर्क बंद कर दिया जाता था।
कई जिलों के लोगों से ठगी के सुराग
पुलिस की बैंकिंग और साइबर पोर्टल जांच में कवर्धा, रायपुर, बलौदाबाजार, बालोद और महासमुंद समेत कई जिलों से शिकायतों के सुराग मिले हैं। आरोपियों के बैंक खातों में अलग-अलग लोगों से ठगी की रकम पहुंचने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार मोबाइल चैटिंग की जांच में कई अन्य लोगों से ठगी के संकेत मिले हैं, जिन्होंने अभी तक पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2 मोबाइल फोन, हेडफोन, व्हाट्सऐप चैटिंग से संबंधित साक्ष्य और ‘पवित्र रिश्ता डॉट कॉम’ के फ्लेक्सी/पंपलेट जब्त किए हैं। बैंक खातों की जांच आगे भी जारी है, जिससे ठगी की रकम और पीड़ितों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
दोनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं और आईटी एक्ट की धारा 66(D) के तहत कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार किया गया और न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।



