रायगढ़ में गुंडागर्दी पर पुलिस सख्त: वनपाल से झगड़ा और वनकर्मियों से मारपीट मामले में 5 आरोपी जेल भेजे गए
रायगढ़, 5 फरवरी। जिले में शांति-व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए दो अलग-अलग मामलों में कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में घरघोड़ा थाना पुलिस द्वारा की गई। एसएसपी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले में किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी या मारपीट बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शांति भंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
पहले मामले में वन परिक्षेत्र तमनार के केराखोल पश्चिम में पदस्थ वनपाल गोपी सिंह राठिया ने शिकायत दर्ज कराई कि 3 फरवरी को लैंड बैंक सर्वे के दौरान बीरसिंह मांझी और जयकुमार मांझी ने शासकीय कार्य में बाधा डाली, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी देते हुए डंडे से मारपीट करने का प्रयास किया। इस पर थाना घरघोड़ा में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। न्यायालय में पेशी के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। बताया गया कि दोनों आरोपी पूर्व में भी वन विभाग के प्रकरण में जेल जा चुके थे और हाल ही में जमानत पर छूटे थे।
दूसरी कार्रवाई ग्राम खोखरोआमा में प्रतिबंधित वृक्षों की अवैध कटाई की सूचना पर की गई। पूछताछ के दौरान प्रेमचंद राजपूत, संतोष कुमार राजपूत और राजेश राजपूत ने विवाद कर लोकशांति भंग करने का प्रयास किया। पुलिस की समझाइश न मानने पर तीनों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत गिरफ्तार कर एसडीएम न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल वारंट जारी हुआ।
पुलिस ने दोहराया कि क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा असामाजिक तत्वों के विरुद्ध आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।



