अकलतरा में किरायेदार सत्यापन के दौरान बड़ा खुलासा: पंजाब का युवक गिरफ्तार, ISI से जुड़े नेटवर्क से संपर्क का दावा
मोबाइल में विदेशी नंबरों से चैट, वीडियो कॉल और संवेदनशील लोकेशन मिलने का दावा; फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया फोन
जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा में चलाए जा रहे किरायेदार सत्यापन अभियान के दौरान पुलिस ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े एक संवेदनशील मामले का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने पंजाब निवासी 23 वर्षीय सेवक सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी पाकिस्तान समर्थित नेटवर्क के संपर्क में था और उसके मोबाइल से पाकिस्तान, सऊदी अरब व अन्य विदेशी नंबरों से बातचीत, व्हाट्सएप चैट, वीडियो कॉल और डिजिटल सामग्री के अहम साक्ष्य मिले हैं।
पुलिस के मुताबिक आरोपी मिनीमाता चौक स्थित एक किराए के मकान में रह रहा था। सत्यापन के दौरान पूछताछ में उसके जवाब संदिग्ध लगे, जिसके बाद मोबाइल की जांच की गई। प्रारंभिक जांच में पुलिस को कई विदेशी नंबरों से संपर्क के प्रमाण मिलने का दावा है। इसके बाद आरोपी के खिलाफ अकलतरा थाना में भारतीय न्याय संहिता की धारा 152 एवं 61(2) के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच में पुलिस का दावा है कि आरोपी पिछले कुछ महीनों से पाकिस्तान स्थित ISI समर्थित तत्वों के संपर्क में था। वह व्हाट्सएप, टेलीग्राम और इंस्टाग्राम के जरिए लगातार संवाद कर रहा था तथा छत्तीसगढ़ के महत्वपूर्ण व्यक्तियों, संवेदनशील स्थानों, वाहनों के नंबर और फोटो-वीडियो जैसी सूचनाएं साझा कर रहा था। हालांकि इन सभी पहलुओं की पुष्टि विस्तृत जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस ने आरोपी का मोबाइल जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। मोबाइल से कथित रूप से व्हाट्सएप चैट, वीडियो कॉल रिकॉर्ड, कॉल रिकॉर्डिंग और अन्य डिजिटल साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। अब सुरक्षा एजेंसियां डिजिटल डाटा का विश्लेषण कर पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई हैं।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में यह भी संकेत मिले हैं कि आरोपी को ड्रोन के माध्यम से हथियार उपलब्ध कराने की योजना थी। हथियार मिलने के बाद उसे पाकिस्तान स्थित संचालकों द्वारा तय किए गए लक्ष्यों पर हमला करने अथवा टारगेट किलिंग जैसे कार्य सौंपे जाने की आशंका जताई गई है। फिलहाल इस संबंध में भी जांच जारी है और अंतिम पुष्टि फोरेंसिक रिपोर्ट एवं विवेचना के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई को जिले की बड़ी सुरक्षा उपलब्धि माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क, विदेशी संपर्कों और संभावित सहयोगियों की पहचान के लिए विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय कर गहन जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।



