निजी उर्वरक व्यापारियों पर कृषि विभाग का शिकंजा, 339 बोरी खाद जब्त
सक्ती। खरीफ सीजन के मद्देनजर किसानों को गुणवत्तायुक्त खाद-बीज उपलब्ध कराने और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है।

कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के निर्देशन एवं उप संचालक कृषि तरुण कुमार प्रधान के मार्गदर्शन में जिला एवं विकासखंड स्तरीय टीम ने निजी उर्वरक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान विकासखंड सक्ती के ग्राम नंदौरकला स्थित मेसर्स कमल खाद भंडार और मेसर्स अजय कृषि केन्द्र में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। जांच में सामने आया कि दोनों प्रतिष्ठान प्राधिकार प्रमाण पत्र की अवधि समाप्त होने के बावजूद बिना नवीनीकरण के उर्वरकों का व्यापार कर रहे थे।
कार्रवाई के दौरान कमल खाद भंडार से विभिन्न प्रकार के उर्वरकों की 136 बोरी, जबकि अजय कृषि केन्द्र से 203 बोरी खाद बरामद कर जब्त की गई। इस प्रकार कुल 339 बोरी उर्वरक जब्ती की कार्रवाई की गई। जब्त सामग्री को कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है।
जांच में यह भी पाया गया कि दोनों फर्मों द्वारा स्टॉक पंजी का समुचित संधारण नहीं किया जा रहा था तथा किसानों को दिए जाने वाले बिलों में आवश्यक हस्ताक्षर भी नहीं कराए जा रहे थे। कृषि विभाग ने मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि खरीफ सीजन में खाद, बीज और कीटनाशकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण तथा अधिक कीमत पर बिक्री करने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि किसानों को उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री उपलब्ध हो सके।



