जहरीले सांप के काटने से दो महिलाओं की बिगड़ी हालत, वेंटिलेटर और एंटी-स्नेक वेनम से बची जान
हसौद बरसात शुरू होते ही जिले में सांप काटने की घटनाएं सामने आने लगी हैं। ऐसे ही दो अलग-अलग मामलों में जहरीले सांप के काटने से दो महिलाओं की हालत गंभीर हो गई। समय पर अस्पताल पहुंचाने और इलाज मिलने से दोनों की जान बच गई।Vedanta 01 

जानकारी के मुताबिक, अचरितपाली निवासी 20 वर्षीय कल्याणी चौहान और पंडरीपाली निवासी 65 वर्षीय फिरतिन बाई कुर्रे को जहरीले (न्यूरोटॉक्सिक) सांप ने काट लिया था। दोनों की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें परसदा स्थित न्यू लाइफ लाइन हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। अस्पताल पहुंचने तक दोनों मरीजों को सांस लेने में परेशानी हो रही थी और उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई थी।
अस्पताल के डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू करते हुए दोनों मरीजों को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा और एंटी-स्नेक वेनम दिया। करीब 24 घंटे तक लगातार निगरानी और उपचार के बाद दोनों की हालत में सुधार हुआ। चिकित्सकों के अनुसार अब दोनों मरीज खतरे से बाहर हैं और स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं।
अस्पताल प्रबंधन डॉ गणपत साहू एवं टीम ने बताया कि न्यूरोटॉक्सिक सांप के काटने के बाद शुरुआती कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे मामलों में देरी जानलेवा साबित हो सकती है। इसलिए सांप काटने पर झाड़-फूंक या घरेलू उपचार के बजाय मरीज को तत्काल अस्पताल पहुंचाना चाहिए।
डॉक्टरों ने बरसात के मौसम में खेतों, बाड़ियों और पुराने मकानों में काम करते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उनका कहना है कि समय पर उपचार मिलने से अधिकांश मरीजों की जान बचाई जा सकती है।



