शासकीय कॉलेज में बवाल
प्राचार्य–प्रोफेसरों में लात-घूंसे, गुटबाजी ने खोली शिक्षा तंत्र की पोल; कॉलेज परिसर बना अखाड़ा, मामला थाने पहुंचा
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के चंद्रपुर स्थित शासकीय महाविद्यालय में उस समय हड़कंप मच गया, जब शिक्षा के मंदिर में ही प्राचार्य और प्रोफेसरों के बीच मारपीट की शर्मनाक घटना सामने आई। कॉलेज परिसर में हुए इस बवाल ने न केवल छात्रों को हैरान कर दिया, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विवाद से मारपीट तक पहुंचा मामला…
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य चरणदास बर्मन और प्रोफेसर ऋषि कुमार चंद्रा व लक्ष्मी प्रसाद के बीच किसी बात को लेकर पहले तीखी बहस हुई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि बात लात-घूंसे और हाथापाई तक पहुंच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कॉलेज परिसर कुछ देर के लिए अखाड़े में तब्दील हो गया।
पुरानी गुटबाजी बनी वजह…
कॉलेज से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यह घटना अचानक नहीं हुई, बल्कि इसके पीछे लंबे समय से चली आ रही गुटबाजी और आपसी खींचतान है। प्रशासनिक निर्णयों, दायित्वों के बंटवारे और प्रभारी प्राचार्य को लेकर पहले से ही शिक्षकों के बीच मतभेद चल रहे थे, जो इस घटना के रूप में फूट पड़े।
शिक्षा की गरिमा पर सवाल
जिस स्थान पर छात्रों को अनुशासन, संस्कार और ज्ञान का पाठ पढ़ाया जाता है, वहीं शिक्षकों के बीच खुलेआम मारपीट होना शिक्षा व्यवस्था की साख पर करारा तमाचा माना जा रहा है। घटना के समय कुछ छात्र भी परिसर में मौजूद थे, जिससे उनका मनोबल भी प्रभावित हुआ है।
थाने पहुंचा मामला, पुलिस जांच में जुटी…
घटना के बाद प्रभारी प्राचार्य सहित दोनों प्रोफेसरों ने स्थानीय थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक व विभागीय कार्रवाई की संभावना
फिलहाल घटना के बाद कॉलेज परिसर में तनाव का माहौल बना हुआ है। शिक्षा विभाग स्तर पर भी इस मामले को लेकर विभागीय जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।



