आईजीपी रामगोपाल गर्ग ने की रेंज के जिलों की समीक्षा, ‘अनुभव’ फीडबैक के आधार पर थानों की कार्यप्रणाली का मूल्यांकन
रामगोपाल गर्ग ने बिलासपुर रेंज के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों की वर्चुअल बैठक लेकर ‘अनुभव’ योजना के तहत प्राप्त फीडबैक की समीक्षा की। बैठक में पिछले एक माह के दौरान थानों और पुलिस कार्यालयों के संबंध में मिले सुझावों और शिकायतों पर विस्तार से चर्चा की गई।
वर्चुअल बैठक में जुड़े सभी जिलों के एसपी
बैठक में रजनेश सिंह (वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर), शशि मोहन सिंह (वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़), सिद्धार्थ तिवारी (पुलिस अधीक्षक कोरबा), विजय कुमार पाण्डेय (पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चांपा), मनोज खिलाड़ी (पुलिस अधीक्षक गौरेला-पेंड्रा-मरवाही) और प्रफुल्ल ठाकुर (पुलिस अधीक्षक सक्ती) सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए।
फरवरी माह में प्राप्त फीडबैक की समीक्षा
बैठक में 1 फरवरी से 28 फरवरी 2026 के बीच प्राप्त फीडबैक का विश्लेषण किया गया।
बिलासपुर जिले में 201 फीडबैक प्राप्त हुए, जिनमें सर्वाधिक सरकंडा थाना (64) और सिविल लाइन थाना (20) में दर्ज हुए।
रायगढ़ जिले में 331 फीडबैक प्राप्त हुए, जिनमें जूटमिल और कोतरारोड थाने में 44-44 फीडबैक मिले।
कोरबा जिले में 55 फीडबैक आए, जिनमें उरगा थाना में सर्वाधिक 12 फीडबैक मिले।
जांजगीर-चांपा जिले के आंकड़े
जांजगीर-चांपा जिले में कुल 100 फीडबैक प्राप्त हुए। इनमें सबसे अधिक सारागांव थाना में 20 और जांजगीर थाना में 11 फीडबैक दर्ज किए गए। वहीं पुलिस सहायता केंद्र कोटमिसोनर और रहौद से कोई फीडबैक प्राप्त नहीं हुआ।
अन्य जिलों की स्थिति
मुंगेली जिले में 230 फीडबैक प्राप्त हुए, जिनमें पथरिया थाना में 46, लोरमी में 24 और सिटी कोतवाली में 33 फीडबैक दर्ज किए गए।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में 51 फीडबैक आए, जिनमें डोंगरीपाली थाना में 11 फीडबैक दर्ज हुए।
सक्ती जिले में 127 फीडबैक प्राप्त हुए, जिनमें मालखरौदा थाना में 38, जैजैपुर में 20 और डभरा में 19 फीडबैक मिले।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में 39 फीडबैक आए, जिनमें पेण्ड्रा थाना में 22 फीडबैक दर्ज किए गए।
औसत रेटिंग पर आईजीपी ने जताई संतुष्टि
बैठक में बताया गया कि अधिकांश थानों की रेटिंग 5 के पैमाने पर औसतन लगभग 3.5 रही, जिस पर आईजीपी ने संतोष व्यक्त किया। हालांकि जिन थानों की रेटिंग इससे कम है, उनमें सुधार के लिए पुलिस अधीक्षकों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
QR कोड से मिल रहा फीडबैक
‘अनुभव’ प्रणाली के तहत थानों और पुलिस कार्यालयों में आने वाले नागरिक वहां लगे क्यूआर कोड को स्कैन कर अपने सुझाव और शिकायतें दर्ज कर सकते हैं। इन फीडबैक के माध्यम से कहीं पेयजल और बैठने की व्यवस्था की कमी, कहीं पुलिस के व्यवहार को लेकर शिकायतें, तो कहीं पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना भी सामने आई है।
कमियों को दूर करने के निर्देश
आईजीपी श्री गर्ग ने निर्देश दिए कि अनुभव के तहत प्राप्त हर फीडबैक की गंभीरता से समीक्षा की जाए। जिन थानों से लगातार एक जैसी शिकायतें आ रही हैं, वहां आवश्यक सुधार किए जाएं। वहीं जिन थानों को सकारात्मक फीडबैक मिल रहा है, उन्हें पुरस्कृत करने की भी बात कही गई।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन थानों से बिल्कुल फीडबैक नहीं आ रहे हैं, उनके कारणों की जांच की जाए। साथ ही नागरिकों से अपील की गई कि वे पुलिस सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए ‘अनुभव’ प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने सुझाव और प्रतिक्रिया अवश्य दें।



