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जांजगीर-चांपा

ब्लैकमेलिंग कर पैसा मांगने और नही देने पर झूठे शिकायत की धमकी देकर थाने में की गई थी शिकायत, जिसे लेकर हुई थाने में शिकायत..क्या है मामला पढ़े पूरी खबर..

जांजगीर चांपा /जिले के सिटी कोतवाली थाने में कुछ दिन पूर्व जमीन को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी की काम पैसा देने की बात कहते हुए। खरीदार से और पैसे की मांग करने लगा था। नही देने पर सिटी कोतवाली थाने में उपस्थित होकर लिखित शिकायत पेश किया गया था। जिसको लेकर खरीदार अमित कुमार चंद्रकांत चंद्रा, शिवानंद तिवारी तीनो ने सिटी कोतवाली में झूठा शिकायत दर्ज कराने के मामले में अपना आवेदन दिया है। और श्यामलाल साहू के ऊपर कार्यवाही की मांग की है।

 

मामले की बात करे तो यह है पूरी खबर…

 

आवेदकगण की ओर से निम्नांकित रिपोर्ट (शिकायत) पेश है – 01. ग्राम पिसौद निवासी श्यामलाल साहू उम्र 62 वर्ष पिता रामशंकर जाति तेली निवासी ग्राम पिसीद तहसील जांजगीर जिला- जांजगीर-चाम्पा छ0ग0 ने दिनांक 06.04. 2023 को मेरे पक्षकार क्र. 03 के पक्ष में अपने ग्राम पिसीद स्थित स्वामित्व एवं कब्जे की भूमि खसरा न. क्रमशः 2435 / 2 2437 शामिल 2240 2438, 2441, 2408 / 2 रकबा क्रमश 0.304 हेतु 0.29980 0.109 0.06180 0.0970, जिसका कुल रकबा 0.870 हेक्टेयर है, को पंजीकृत मुख्त्यारनामा आम (बिना प्रतिफल के) निष्पादित करते हुये यह अधिकार दिया था. कि पक्षकार क्र. 03 उपरोक्त भूमि को पटवारी से रजिस्ट्री सबंधी कागजात प्राप्त कर

 

उपपंजीयक में रजिस्ट्री कार्य निष्पादन एवं पंजीयन करावे एवं प्रतिफल के चेक को उसके या पक्षकार क्र. 03 के नाम पर चेक कटवाकर चेक प्राप्त कर चेक का आहरण बैंक से कराकर नगदी रकम उसे साँपे उक्त मुख्त्यारनामा आम को उपपंजीयक के समक्ष स्वीकार करते हुये श्यामलाल द्वारा निष्पादित कराया गया था। पक्षकार क्र. 03 ने उक्त मुख्त्यारनामा आम के अधिकार का प्रयोग करते हुये उपरोक्त वर्णित भूमि को उसकी पूरी मूल्य जो शासकीय बाजार मूल्य है, के आधार पर मेरे पक्षकार क्र. 01 एवं 02 के पास विक्रय किया था, विक्रय दिनाक 13.04.2023 को किया था. उक्त विक्रय पत्र उपपंजीयक जांजगीर के समक्ष निष्पादित किया गया था, उक्त विक्रय का प्रतिफल मेरे पक्षकार 01 एवं 02 ने सीधे तौर पर श्यामलाल साहू के खाते पर अपने एकाउंट नंबरों से ट्रांसफर कर अदा किया था। मेरे पक्षकार क्र. 03 ने कथित विक्रय के एवज में कोई भी राशि प्राप्त नहीं की थी. सीधे विक्रेता श्यामलाल साहू के खाते में दी गई थी। पक्षकार क्र. 01 एवं 02 ने उक्त विक्रय पत्र के आधार पर कथित भूमियों को अपने नाम पर नामांतरण किये जाने हेतु तहसीलदार जाजगीर के समक्ष आवेदन दिया था.. तहसीलदार जांजगीर द्वारा विक्रेता श्यामलाल साहू को न्यायालय उपस्थित होने बाबत नोटिस दी गयी थी, जहां श्यामलाल साहू ने तहसीलदार साहब के सामने नामांतरण प्रमाणीकरण में आपत्ति नहीं होना लिखा था, और अपना दस्तखत किया था।श्यामलाल साहू व में आकर पक्षकारों के पास विक्रय की गयी जमीन की अधिक राशि लेने हेतु ब्लेक मेलिंग करने लगा है, एवं पक्षकारों द्वारा श्यामलाल साहू को अधिक राशि नहीं दिये जाने के कारण श्यामलाल साहू ने जिला पंजीयक जाजगीर के समक्ष झूठी शिकायत की थी. जिसका जवाब पक्षकारों द्वारा जिला पंजीयक जांजगीर को दिया जा चुका है। जिला पंजीयक जांजगीर द्वारा जांच उपरांत श्यामलाल की शिकायत झूठी पायी गयी है, और शिकायत खारिज कर दी गयी है।श्यामलाल झूठी शिकायत पर कोई कार्यवाही नहीं होने से बौखलाकर झूठे आधारों पर सिटी कोतवाली में शिकायत दर्ज करायी है,

श्यामलाल साहू को भूमि बिक्री किये जाने के बाद कुछ जमीन दलालों द्वारा यह कहा गया कि श्यामलाल द्वारा पक्षकारों के पास कम कीमत में जमीन बिक्री की गयी है, उसकी जमीन को जमीन दलाल ज्यादा कीमत में विक्रय करा कर दो गुनी कीमत श्यामलाल को दिला सकते है, जिससे लोभ में आकर श्यामलाल द्वारा हम तीनों व्यक्तियों के पास आकर उक्त जमीन की नामांतरण हो जाने के बाद भी अधिक कीमत मांगने लगे तब हमारे द्वारा समझाया गया कि जमीन बिक जाने के बाद पूरा रकम प्राप्त कर लेने के बाद तहसीलदार के न्यायालय में नामांतरण हो जाने के बाद तुम्हारे द्वारा (श्यामलाल) रकम मांगना गलत है, जिस पर श्यामलाल एवं उसके साथ आये अन्य व्यक्तियों ने धमकी दिया कि मुझे जमीन की अधिक कीमत और रूपये नहीं दोगे तो मैं तुम लोगों के खिलाफ झूठी शिकायत थाने में एवं उच्चाधिकारियों के पास करूंगा। श्यामलाल ने उक्त भूमि की बिक्री के बाद भी चोलाराम कश्यप के पास दिनांक 20.04.2023 को जमीन बिक्री का इकरारनामा किया है, इस तरह श्यामलाल हम लोगों से धोखाधड़ी एवं चार सौ बी. सी. कर अधिक रकम वसूल करना चाहता है, और हमारे खिलाफ झूठी शिकायत किया है, जबकि श्यामलाल ने विक्रय पत्र निष्पादन दिनांक 13.04.2023 को शिवानंद तिवारी के पक्ष में इकरारनामा लिखकर दिया है कि क्रेता अमित कुमार सराफ एवं चंद्रकांत चंद्रा के पक्ष में रजिस्ट्री किया गया है. एवं चेक तथा नगद के माध्यम से सौदे की संपूर्ण राशि प्राप्त कर ली गयी है, एवं दोनों पक्षों के सहमति से ही विक्रय पत्र निष्पादित किया गया है। इकरारनामा निष्पादित किये जाने की बात भी श्यामलाल एवं उसके अन्य सहयोगीयों द्वारा अत्यधिक रकम की मांग करते हुये छल कारित कर अपराध किया जा रहा है।

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