जनादेश परब पर कांग्रेस का हमला: करोड़ों खर्च हुए, जांजगीर-चांपा को एक पैसे की सौगात नहीं — विधायक ब्यास कश्यप
जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ राज्य सरकार के दो साल पूरे होने पर जांजगीर-चांपा जिले में आयोजित जनादेश परब को लेकर सियासत तेज हो गई है। जिले के कांग्रेसी विधायक ब्यास कश्यप ने बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जनादेश परब के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च कर जे.पी. नड्डा के सामने वाहवाही तो लूटी गई, लेकिन जांजगीर-चांपा जिले की जनता को सरकार की ओर से एक पैसे की भी सौगात नहीं मिली।
22 दिसंबर को जांजगीर-चांपा के पुलिस लाइन मैदान में राज्य स्तरीय जनादेश परब का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने झिरम घाटी हत्याकांड को लेकर कांग्रेस को कटघरे में खड़ा किया। इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल मच गई।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक ब्यास कश्यप ने कहा कि झिरम घाटी कांड के समय भी भाजपा की सरकार थी और आज भी केंद्र व राज्य दोनों जगह भाजपा की सरकार है। अगर बीजेपी को पता है कि दोषी कौन हैं, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने मांग की कि या तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो, नहीं तो शहीद जनप्रतिनिधियों और प्रदेश की जनता से माफी मांगी जाए।
ब्यास कश्यप ने जनादेश परब के आयोजन पर सवाल उठाते हुए कहा कि जांजगीर-चांपा की जनता ने बीजेपी को जनादेश नहीं दिया, फिर भी यहां करोड़ों रुपये खर्च कर भव्य आयोजन क्यों किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री और पूरा मंत्रिमंडल मौजूद रहने के बावजूद जिले को कोई विकास सौगात नहीं दी गई। आखिर जांजगीर-चांपा जिले के साथ ऐसा भेदभाव क्यों किया जा रहा है?
राज्य सरकार ने जनादेश परब में दो साल की उपलब्धियों का बखान कर कार्यक्रम समाप्त कर दिया, लेकिन कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सरकार झिरम घाटी जैसे संवेदनशील मुद्दों को उठाकर जनता का ध्यान जिले के विकास से भटकाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस ने इस पूरे मामले में राज्य सरकार और बीजेपी पर जांजगीर-चांपा जिले की उपेक्षा का आरोप लगाया है।



