पांच जिलों से ढूंढ लाई दुर्ग पुलिस की साइबर टीम : 303 गुम मोबाइल लौटे मालिकों को, कीमत करीब 70 लाख
दुर्ग। जिले की एन्टी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) और विशेष टीम ने एक बड़ी सफलता दर्ज की है। टीम ने पिछले एक साल में गुम हुए मोबाइलों की तलाश कर कुल 303 मोबाइल बरामद किए, जिनकी कीमत लगभग 70 लाख रुपये आंकी गई है। इन मोबाइलों को अब उनके वास्तविक मालिकों को लौटाया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, जिले के विभिन्न थानों में लगातार मोबाइल गुमने की शिकायतें दर्ज हो रही थीं। ऐसे मामलों में प्रार्थी केवल शिकायत देकर उम्मीद लगाए रहते थे कि उनका मोबाइल लौट आए। इसी समस्या को गंभीरता से लेते हुए पुलिस मुख्यालय से निर्देश मिले कि गुम मोबाइलों की खोज कर उन्हें वापस किया जाए।
निर्देश मिलने के बाद दुर्ग पुलिस ने विभिन्न अनुविभागों से बल जुटाकर एक विशेष टीम का गठन किया। इस टीम को जिम्मेदारी सौंपी गई कि वे गुम मोबाइलों की पहचान कर उन्हें एसीसीयू कार्यालय में जमा करें।
टीम ने सेंट्रल इक्यूपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (CIR) पोर्टल का सहारा लिया। इस पोर्टल से गुम मोबाइलों का विवरण जुटाया गया और तकनीकी साधनों की मदद से लोकेशन खंगाली गई। लंबे प्रयासों के बाद दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव, बालोद, बेमेतरा और रायपुर सहित कई क्षेत्रों से कुल 303 मोबाइल जब्त किए गए।
बरामद मोबाइल विभिन्न कंपनियों और ब्रांड्स के हैं। इनकी कुल कीमत लगभग 70 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने बताया कि मालिक अपने दस्तावेजों के साथ एसीसीयू कार्यालय सेक्टर-3 पहुंचकर मोबाइल प्राप्त कर सकते हैं। अभी तक दर्जनों लोगों को उनके गुम मोबाइल वापस किए जा चुके हैं।
अधिकारियों ने बताया कि गुम मोबाइलों को ढूंढना आसान काम नहीं होता। कई बार लोग एफआईआर दर्ज कराने में लापरवाही बरतते हैं, जिससे उनकी तलाश मुश्किल हो जाती है। लेकिन इस बार अभियान चलाकर टीम ने रिकॉर्ड संख्या में मोबाइल बरामद कर एक मिसाल पेश की है।
दुर्ग पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल का कहना है कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास कायम रखने के लिए इस तरह की कार्रवाइयाँ जरूरी हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि मोबाइल गुमने पर तुरंत थाने में रिपोर्ट दर्ज कराएं।



