जिले के जैजैपुर से एक हृदयविदारक खबर सामने आई है, जहाँ एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक गरीब परिवार का चिराग बुझा दिया। यहाँ राखड़ लेकर लौट रहे एक अनियंत्रित हाईवा की चपेट में आने से एक आदिवासी युवक की मौके पर ही मौत हो गई।
मुख्य समाचार: मानवता की मिसाल – थाना प्रभारी ने पेश की इंसानियत
जैजैपुर: राखड़ डंप कर लौट रहे हाईवा क्रमांक CG 11 BK 9824 ने जैजैपुर मुख्य मार्ग पर राइस मिल के पास एक युवक को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में ग्राम बालपुर (चन्द्रपुर) निवासी निरंजन उरांव पिता दशो राम उरांव की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
बहन के घर आया था मेहमान
मृतक युवक अपनी बहन चंपा उरांव के घर ग्राम गुचकुलिया में आयोजित छठी कार्यक्रम में शामिल होने आया था। दोपहर करीब 3:00 बजे वह मोबाइल रिपेयरिंग कराने के लिए जैजैपुर निकला था, लेकिन रास्ते में काल बनकर आए हाईवा ने उसकी जान ले ली।
थाना प्रभारी का सराहनीय कदम
घटना की सूचना मिलते ही जैजैपुर थाना प्रभारी भूपेंद्र कुमार चन्द्रा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए उन्होंने तत्काल शव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया। जब मृतक के परिजन मुआवजे की मांग को लेकर अड़े थे और मौके पर कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुँचा था, तब थाना प्रभारी चन्द्रा ने स्वयं आगे बढ़कर इंसानियत का परिचय दिया।
उन्होंने युवक की अत्यंत गरीब स्थिति को देखते हुए अपने व्यक्तिगत सहयोग से परिजनों को 25,000 रुपये की तात्कालिक सहायता राशि प्रदान की, ताकि अंतिम संस्कार सुचारू रूप से संपन्न हो सके। थाना प्रभारी के इस नेक कार्य की पूरे क्षेत्र में जमकर प्रशंसा हो रही है।
पुलिस की कार्यवाही
पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया और उसे परिजनों को सौंप दिया है। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत विवेचना कर रही है और आरोपी वाहन के खिलाफ कानूनी कार्यवाही जारी है।



