आईपीएल सट्टा गिरोह का भंडाफोड़: सक्ती पुलिस की बड़ी कार्रवाई में 5 आरोपी गिरफ्तार, डिजिटल नेटवर्क के जरिए लाखों के लेन-देन का खुलासा
सक्ती जिले में आईपीएल मैचों पर चल रहे अवैध सट्टा नेटवर्क के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 5 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिनमें सट्टा संचालन से जुड़े महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। मामला थाना सक्ती का है, जहां अपराध क्रमांक 196/2026 के तहत छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 07 में कार्रवाई की गई है।
पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल और एसडीओपी डॉ. भुवनेश्वरी पैकरा के मार्गदर्शन में सक्ती पुलिस और साइबर टीम ने तकनीकी विश्लेषण और निगरानी के आधार पर सट्टा गिरोह की परत-दर-परत जांच की।
मामले की शुरुआत 29 अप्रैल 2026 को हुई, जब मुखबिर की सूचना पर भूपेंद्र राठौर को गिरफ्तार किया गया। वह विभिन्न बेटिंग ऐप्स के जरिए आईपीएल सट्टा संचालित कर रहा था और क्यूआर कोड व आईडी-पासवर्ड व्हाट्सएप के माध्यम से लोगों को उपलब्ध कराता था। इसके बाद डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान कर अलग-अलग समय पर दबिश देकर सभी को गिरफ्तार किया गया।
जांच में सामने आया कि आरोपी बैंक खातों और डिजिटल पेमेंट ऐप्स (जैसे PhonePe) के जरिए सट्टा रकम का लेन-देन करते थे और जीत-हार की राशि भी इन्हीं माध्यमों से बांटी जाती थी। पिंटू जायसवाल और संजय केंवट ने अपने खातों का उपयोग सट्टा ट्रांजैक्शन के लिए करना स्वीकार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों में भूपेंद्र राठौर (28), चंद्रकांत (32), मुकेश अग्रवाल (46), पिंटू जायसवाल (24) और संजय केंवट (28) शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार यह एक संगठित सट्टा गिरोह है, जिसकी अन्य कड़ियों की पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। पुलिस सट्टा नेटवर्क के पूरे चैन-सर्कल को ध्वस्त करने की दिशा में कार्रवाई कर रही है।
सक्ती पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अवैध सट्टा गतिविधियों से दूर रहें और ऐसी किसी भी जानकारी की तुरंत सूचना पुलिस को दें।



