जांजगीर-चांपा। सिविल जिला जांजगीर-चांपा के प्रधान जिला न्यायाधीश जयदीप गर्ग ने एक महत्वपूर्ण और व्यापक प्रभाव वाले फैसले में निजी फाइनेंस कंपनियों द्वारा दायर 129 आर्बिट्रेशन निष्पादन प्रकरणों को शून्य (Void Ab Initio) घोषित करते हुए खारिज कर दिया है। इस फैसले को जिले के सैकड़ों ऋणग्रस्त परिवारों और ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।
मामला उन निजी फाइनेंस कंपनियों से जुड़ा था, जो वाहन ऋण देने के दौरान ग्राहकों से हायर पर्चेस एग्रीमेंट कराती थीं। इन समझौतों में 18 से 36 प्रतिशत तक की उच्च ब्याज दरें निर्धारित की जाती थीं। ऋण अदायगी में चूक होने पर वाहन जब्त करने और बाद में आर्बिट्रेशन के माध्यम से वसूली की प्रक्रिया अपनाई जाती थी।
न्यायालय के समक्ष यह तथ्य सामने आया कि कई मामलों में फाइनेंस कंपनियों ने स्थानीय क्षेत्राधिकार की अनदेखी करते हुए पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और अन्य दूरस्थ स्थानों में अपने मनोनित आर्बिट्रेटरों की नियुक्ति की। इन आर्बिट्रेटरों द्वारा ऋणधारकों को समुचित अवसर दिए बिना एकतरफा अवॉर्ड पारित कर दिए गए। बाद में इन्हीं अवॉर्ड के आधार पर जिला न्यायालयों में निष्पादन याचिकाएं प्रस्तुत कर वसूली और संपत्ति कुर्की की कार्रवाई की जा रही थी।
प्रधान जिला न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा कि एकतरफा नियुक्त आर्बिट्रेटरों द्वारा पारित ऐसे अवॉर्ड प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों और विधिक प्रक्रियाओं के विपरीत हैं। इसलिए इनकी वैधानिक मान्यता नहीं है। न्यायालय ने माना कि प्रक्रिया में निष्पक्षता और सहमति के अभाव के कारण ऐसे अवॉर्ड प्रारंभ से ही शून्य हैं।
अदालत ने अपने निर्णय में तीन प्रमुख बिंदुओं को रेखांकित किया
पहला, दूरस्थ क्षेत्रों में बैठकर स्थानीय नागरिकों के विरुद्ध एकतरफा आर्बिट्रेशन प्रक्रिया अपनाना अनुचित है। दूसरा, कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं होने के कारण सभी 129 अवॉर्ड प्रारंभ से ही शून्य हैं। तीसरा, इन अवॉर्ड के आधार पर दायर सभी निष्पादन याचिकाओं को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाता है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला उन फाइनेंस कंपनियों के लिए कड़ा संदेश है, जो कानूनी तकनीकीताओं का लाभ उठाकर आम लोगों पर दबाव बनाती हैं। वहीं ग्रामीणों और ऋणग्रस्त परिवारों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे न्यायपालिका द्वारा आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है।



