जांजगीर चांपा में गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं: – कलेक्टर सख्त, ससहा में खराब निर्माण पर नोटिस के निर्देश
जांजगीर-चांपा। ग्रामीण विकास कार्यों में लापरवाही और गुणवत्ताहीन निर्माण पर अब सख्ती बढ़ती नजर आ रही है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने शुक्रवार को जनपद पंचायत पामगढ़ के सभाकक्ष में पंचायत सचिवों, तकनीकी सहायकों और रोजगार सहायकों की बैठक लेकर स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है।
बैठक के दौरान ग्राम पंचायत ससहा में निर्माणाधीन मंच कार्य की गुणवत्ता खराब पाए जाने पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई और संबंधित ग्रामीण अभियांत्रिकी सेवा (RES) के उप अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्य तय मानकों के अनुरूप और समय-सीमा में पूरे होने चाहिए।
कलेक्टर ने जिले में अधूरे और अप्रारंभ कार्यों पर भी नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्हें तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कार्यों में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की समीक्षा करते हुए उन्होंने पारदर्शिता पर जोर दिया और कहा कि यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता की शिकायत मिलती है तो संबंधितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
कलेक्टर ने आगामी “सुशासन तिहार 2026” के तहत 1 मई से 10 जून तक आयोजित होने वाले जन समस्या निवारण शिविरों की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि शिविरों में आने वाले नागरिकों के लिए पेयजल, छाया और बैठने जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
बैठक में कलेक्टर ने 5 वर्षीय ग्राम विकास परिप्रेक्ष्य योजना तैयार करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ग्राम सभाओं और स्थानीय निकायों की सहभागिता से गांव की वास्तविक जरूरतों का आकलन कर योजनाएं बनाई जाएं। इन योजनाओं में पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल कल्याण, सड़क और सिंचाई जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाए।
जल संरक्षण को लेकर भी कलेक्टर ने विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सोक पिट, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, डबरी, चेकडैम और नवा तरिया जैसी संरचनाओं का निर्माण प्राथमिकता के साथ किया जाए। उन्होंने इसे वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए जनभागीदारी से इस अभियान को आगे बढ़ाने की बात कही।
बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी गोकुल रावटे, अपर कलेक्टर आर.के. तंबोली और अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को फील्ड में जाकर नियमित निरीक्षण करने और योजनाओं का लाभ समय पर हितग्राहियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।



