एमबीबीएस काउंसलिंग 2025 में अनियमितता के विधायक ब्यास कश्यप ने लगाए आरोप, पुनः काउंसलिंग की मांग
अभ्यर्थीओं के अभिभावकों ने विधायक से की है शिकायत
जांजगीर-चांपा। एमबीबीएस काउंसलिंग 2025 को लेकर छत्तीसगढ़ में विवाद खड़ा हो गया है। जांजगीर-चांपा विधानसभा क्षेत्र के विधायक ब्यास कश्यप ने लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल को पत्र लिखकर मेडिकल कॉलेजों में सीट आवंटन की प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है।
विधायक ब्यास कश्यप के अनुसार, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा कुल 22,261 योग्य अभ्यर्थियों की सूची चिकित्सा शिक्षा संचालनालय (DME) रायपुर को सौंपी गई थी। इसके बावजूद, 12 अगस्त को जारी की गई राज्य स्तरीय मेरिट सूची में कई ऐसे नाम सम्मिलित हैं, जिन्हें NTA की मूल सूची में स्थान ही नहीं मिला था। विधायक कश्यप के मुताबिक इन अपात्र अभ्यर्थियों को मेडिकल कॉलेजों में सीट भी दे दी गई है।
विधायक ने दावा किया है कि इस प्रक्रिया के कारण राज्य के कई योग्य विद्यार्थी सीट पाने से वंचित हो गए हैं। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और फिलहाल काउंसलिंग प्रक्रिया को स्थगित कर सही और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत पुनः काउंसलिंग कराई जाए।



