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जांजगीर-चांपा

पदनाम परिवर्तन करते हुए लिपिक वेतनमान सुधार की मांग को लेकर 22 अगस्त 2023 को एक दिवसीय धरना प्रदर्शन एवं 04 सितंबर 2023 से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर बनी सहमति 

 

 

छत्तीसगढ लिपिक फेडरेशन के प्रांतीय आव्हान पर 22 अगस्त 2023 को एक दिवसीय धरना प्रदर्शन एवं मांग पूरी नहीं होने पर 04 सितम्बर 2023 से आयोजित होने वाले अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए जांजगीर चांपा जिले में लिपिक फेडरेशन की प्रथम बैठक आयोजित की गई। जिसमें समस्त लिपिक वर्गीय संघ के पदाधिकारी, सदस्य संयुक्त रुप से उपस्थित हुए। लिपिक फेडरेशन द्वारा पदनाम परिवर्तन करते हुए लिपिक वेतनमान सुधार की मांग को लेकर आंदोलन की घोषणा प्रांत स्तर से 21 जुलाई को कर दी गई है। जिसके सफल आयोजन हेतु जांजगीर जिला मुख्यालय में लिपिक फेडरेशन की बैठक आहूत कर रणनीति तैयार कर जिम्मेदारी सौंपी गई। छ.ग. लिपिक फेडरेशन द्वारा आंदोलन के पूर्व सभी तहसील एवं जिला कार्यालय में भ्रमण हेतु दल का गठन किया गया जो कि 21 अगस्त को सभी तहसील एवं जिला मुख्यालय के कार्यालयों का भ्रमण कर लिपिको की शत प्रतिशत आंदोलन में उपस्थिति सुनिश्चित करेगा तथा आदोंलन के सफल आयोजन हेतु प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर एवं जिला मुख्यालय में कार्यकारिणी का गठन किया गया। विशाल वैभव जिलाध्यक्ष ने बताया कि 17 फरवरी 2019 को प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रांतीय अधिवेशन में आशवस्त किया था की लिपिकों की मांग निश्चित पूरी की जायेगी परंतु साढ़े चार वर्ष बीत जाने के पश्चात भी मांग पूरी नहीं होने से प्रदेश के लिपिकों में आक्रोश व्याप्त है, 22 अगस्त को छत्तीसगढ़ लिपिक फेडरेशन के बैनर पर जांजगीर जिले के समस्त लिपिक सामूहिक अवकाश ले कर धरना प्रदर्शन आंदोलन करेंगे, मांग पूरी न होने पर 04 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल में चले जायेंगे। आज के बैठक में मुख्य रूप से फिरत राम किरण जिलाध्यक्ष , प्रवीण दुबे, उज्ज्वल तिवारी, श्रीमती कनकलता राम, श्रीमती लता पकवासा, विशेश बंजारे, विनय सिंह बैस, शिवानंद राठौर, अविनाश खंडेल,भवानी सिंह राठौर, हुशराम कोशले, नवीन चंद्र दुबे, जमीरुल्ला खान सहित फेडरेशन के पदाधिकारी उपस्थित थे।

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