12वीं के बाद कर लीजिए इंजीनियरिंग का यह कोर्स, लाखों में होगी सैलरी, विदेश में मिल सकती है नौकरी
नई दिल्ली (Petroleum Engineering Courses, Jobs and Salary). पिछले कई सालों से ज्यादातर स्टूडेंट्स कंप्यूटर साइंस या आईटी की तरफ भाग रहे हैं. लेकिन इंजीनियरिंग जगत में एक ऐसा ‘ब्लैक गोल्ड’ भी छिपा है, जिससे कई लोग अनजान हैं. इसे पेट्रोलियम इंजीनियरिंग कहते हैं. अगर आप बड़े-बड़े ऑयल रिग्स पर काम करना चाहते हैं और भीड़ का हिस्सा नहीं बनना चाहते तो यह क्षेत्र आपके लिए सोने की खान साबित हो सकता है.
भारत में ऊर्जा की मांग हर दिन बढ़ रही है. फिर भी इस क्षेत्र के एक्सपर्ट्स की भारी कमी है. यही कारण है कि यहां शुरुआती सैलरी ही इतनी शानदार होती है कि दूसरी स्ट्रीम के इंजीनियर्स हैरान रह जाएं. पेट्रोलियम इंजीनियरिंग का मतलब सिर्फ जमीन से तेल निकालना नहीं है. यह एनर्जी सिक्योरिटी का वह स्तंभ है, जिस पर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था टिकी है. यहां काम चैलेंजिंग जरूर है, लेकिन बदले में मिलने वाला सम्मान, पैसा और ग्लोबल एक्सपोजर इसे सबसे आकर्षक इंजीनियरिंग करियर ऑप्शन में से एक बनाता है.
पेट्रोलियम इंजीनियरिंग: क्या सरकारी नौकरी मिलेगी?
भारत ऊर्जा खपत के मामले में दुनिया के टॉप देशों में शामिल है. भारत सरकार का ध्यान घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर है, जिसका सीधा मतलब है- नौकरियों में बढ़त. यहां सरकारी क्षेत्र (PSU) में करियर बनाना सबसे सुरक्षित माना जाता है. ONGC, GAIL, Oil India, IOCL और BPCL जैसी कंपनियां हर साल गेट (GATE) स्कोर या अपने व्यक्तिगत एग्जाम के जरिए भर्ती करती हैं. सरकारी नौकरी में न केवल बेहतरीन सैलरी मिलती है, बल्कि आपको देश की ऊर्जा नीति का हिस्सा बनने का गौरव भी मिलता है.
अगर आप डॉलर में कमाई करना चाहते हैं और दुनिया घूमते हुए करियर बनाने के इच्छुक हैं तो पेट्रोलियम इंजीनियरिंग शानदार विकल्पों में से एक है. मिडिल ईस्ट के देश (जैसे सऊदी अरब, यूएई, कतर), अमेरिका और नॉर्वे समेत कई देशों में पेट्रोलियम इंजीनियर्स की मांग कभी खत्म नहीं होती. ExxonMobil, Chevron, TotalEnergies और Schlumberger जैसी विदेशी कंपनियां भारतीय टैलेंट को हाथों-हाथ लेती हैं. आप 4 साल का पेट्रोलियम इंजीनियरिंग कोर्स करके विदेश में करियर बना सकते हैं.
पेट्रोलियम इंजीनियर की सैलरी कितनी होती है?
पेट्रोलियम इंजीनियरिंग के क्षेत्र में फिलहाल कॉम्पिटीशन कम है. इस वजह से फ्रेशर पेट्रोलियम इंजीनियर को भी अच्छी सैलरी ऑफर की जाती है:
- फ्रेशर्स: आईआईटी (IIT) या नामी संस्थानों से निकलने वाले फ्रेशर्स को आसानी से ₹10-15 लाख तक का पैकेज मिल जाता है. औसत कॉलेज से भी ₹6-10 लाख की शुरुआत आम है.
- अनुभवी (5-10 साल): अनुभव के साथ यहां सैलरी रॉकेट की तरह बढ़ती है. सीनियर इंजीनियर्स का पैकेज ₹30 लाख से लेकर ₹1 करोड़ (विदेशों में) तक जा सकता है.
भविष्य में पेट्रोलियम इंजीनियर का करियर स्कोप
कई युवाओं को लगता है कि रिन्यूएबल एनर्जी (सौर, पवन ऊर्जा) के आने से पेट्रोल खत्म हो जाएगा, लेकिन सच तो यह है कि तेल और गैस अगले कई दशकों तक हमारी ऊर्जा के प्राइमरी सोर्स रहेंगे. मौजूदा ट्रेंड अब डिजिटल ऑयलफील्ड्स और स्मार्ट ड्रिलिंग की तरफ बढ़ रहा है. अब पेट्रोलियम इंजीनियर्स को डेटा एनालिटिक्स और एआई का इस्तेमाल कर तेल की खोज करनी पड़ रही है, जो इस काम को काफी मॉडर्न बनाने के अवसर देता है.
पेट्रोलियम इंजीनियरिंग कोर्स कहां से करें?
भारत में कुछ ऐसे संस्थान हैं जहां से पेट्रोलियम इंजीनियरिंग करना प्लेसमेंट की गारंटी माना जाता है:
- IIT (ISM) धनबाद: इसे भारत में पेट्रोलियम इंजीनियरिंग का मक्का कहा जाता है. यहां का प्लेसमेंट रेट लगभग 90-95% रहता है.
- IIT बॉम्बे, आईआईटी खड़गपुर, आईआईटी मद्रास: रिसर्च और हाई-एंड नौकरियों के लिए मशहूर.
- Rajiv Gandhi Institute of Petroleum Technology (RGIPT): यह सीधे पेट्रोलियम मंत्रालय के अंतर्गत आता है.
- University of Petroleum and Energy Studies (UPES), देहरादून: प्राइवेट सेक्टर में बेहतरीन नेटवर्क और प्लेसमेंट के लिए जाना जाता है.



