Nora Fatehi का वर्क परमिट होगा रद्द, भारत से किया जाएगा डिपोर्ट? 10 वकीलों की टीम मंत्रालय पहुंची
कनाडा मूल की बॉलीवुड एक्ट्रेस नोरा फतेही की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कन्नड़ फिल्म ‘KD Devil’ में उनके गाने ‘सरके चुनर तेरी सरके’ को लेकर खूब बवाल मचा हुआ है। इस गाने के हिंदी वर्जन में बेहद अश्लील बोल हैं, जिसको लेकर नोरा फतेही और संजय दत्त लोगों के निशाने पर हैं। अब खबर ये है कि यह मामला और बढ़ सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, 10 वकीलों के एक ग्रुप ने गृह मंत्रालय से संपर्क किया है और नोरा फतेही का वर्क परमिट रद्द करने की मांग की है। यही नहीं, इन वकीलों ने मांग की है कि नोरा फतेही को भारत से डिपोर्ट कर दिया जाए। यह सब ऐसे समय में भी हो रहा है, जब भारत सरकार ने ‘सरके चुनर तेरी सरके’ गाने को बैन कर दिया है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है। जबकि गीतकार रकीब आलम ने डायरेक्टर को ठीकरा फोड़ा है। आरोप लगाया कि डायरेक्टर प्रेम ने कन्नड़ गीत का ही जबरन वर्ड-टू-वर्ड ट्रांसलेशन करवाया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नोरा फतेही के खिलाफ गृह मंत्रालय के अलावा, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC), इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और राष्ट्रीय महिला आयोग शामिल को भी शिकायत दी गई है। हालांकि, नोरा के खिलाफ यह कदम थोड़ा अजीब इसलिए भी है कि फिल्म के मेकर्स या इसी गाने में नजर आए संजय दत्त को लेकर उतना शोर नहीं है, जितना एक्ट्रेस को लेकर है।
वकील बोले- गाना ‘बेहद अश्लील’, विशेषाधिकार का दुरुपयोग
बहरहाल, अपनी याचिका में वकीलों ने आरोप लगाया है कि यह गाना ‘बेहद अश्लील’ है, यौन रूप से उत्तेजक है, और सार्वजनिक नैतिकता के साथ-साथ महिलाओं की गरिमा के लिए भी अपमानजनक है। उन्होंने आगे तर्क दिया कि नोरा फतेही ने इस तरह के कंटेंट से जुड़कर भारत में काम करने के अपने विशेषाधिकार का दुरुपयोग किया है।
विदेशी अधिनियम और पासपोर्ट अधिनियम का हवाला
वकीलों ने याचिका में विदेशी अधिनियम, 1946 के प्रावधानों का भी हवाला दिया है। कहा है कि सरकार के पास उन विदेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार है, जिनके काम सार्वजनिक शालीनता या व्यवस्था को बिगाड़ सकते हैं। उन्होंने पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) अधिनियम, 1920, के साथ-साथ अन्य कानूनी प्रावधानों का भी हवाला दिया।
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भारतीय न्याय संहिता की धाराएं भी गिनाईं
याचिका में यह भी दावा किया गया है कि यह गाना ‘सरके चुनर तेरी सरके’ कई कानूनों का उल्लंघन करता है। इनमें भारतीय न्याय संहिता की धाराएं, महिलाओं का अश्लील चित्रण (निषेध) अधिनियम, 1986, और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 शामिल हैं। कानूनी दायरे से परे, वकीलों ने तर्क दिया कि इस तरह के चित्रण अश्लीलता को बढ़ावा देते हैं, महिलाओं को एक वस्तु के रूप में पेश करते हैं, और समाज में मौजूद गलत धारणाओं को और मजबूत करते हैं।
नोरा फतेही ने विवाद पर वीडियो शेयर कर दी सफाई
इससे पहले, ऑनलाइन ट्रोलिंग और आलोचनाओं के बीच नोरा फतेही ने भी बीते दिनों इस पर जवाब दिया था। एक्ट्रेस ने कहा था कि उन्हें गाने के बोल के अर्थ के बारे में पता नहीं था, क्योंकि उन्होंने यह गाना कन्नड़ भाषा में किया था। जबकि मेकर्स ने बाद में इसे हिंदी ट्रांसलेटेड वर्जन में भी रिलीज किया, जिसके बारे में उन्हें जानकारी नहीं थी। नोरा ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर करते हुए सफाई दी और कहा, ‘मैंने यह गाना तीन साल पहले कन्नड़ में शूट किया था। जब मैंने यह गाना शूट किया, तो मैंने इसके लिए हां कह दिया था, क्योंकि यह एक बड़ी फिल्म का हिस्सा था और इसमें संजय दत्त भी थे, तो भला कोई उन्हें मना कैसे कर सकता है?’
नोरा फतेही बोलीं- मुझे कन्नड़ नहीं आती, हिंदी डब के बारे में नहीं पता था
नोरा फतेही ने आगे कहा, ‘मुझे लगा था कि यह गाना ‘नायक नहीं खलनायक हूं मैं’ का रीमेक है। इसके हिंदी अडैप्टेशन में मेरी कोई भूमिका नहीं थी। जब उन्होंने इस गाने का अनुवाद किया, तो मुझे कुछ भी गलत या अश्लील नहीं लगा, लेकिन मुझे कन्नड़ नहीं आती, इसलिए मैं उनकी कही बातों पर ही भरोसा करती हूं। उन्होंने अभी जो कुछ भी किया है, जैसे इसे हिंदी में डब करना और इसके बोल बदलना, उसके लिए उन्होंने मुझसे कोई मंजूरी नहीं ली। मुझे इस बारे में बिल्कुल भी पता नहीं था।’
नोरा ने सुनाया लॉन्च इवेंट का किस्सा, AI से बनाई तस्वीर
एक्ट्रेस ने गाने के लॉन्च इवेंट का भी जिक्र किया और बताया, ‘जब मैं लॉन्च इवेंट में गई, तो मैंने कन्नड़ वर्जन देखा और मुझे उसमें एक बड़ी दिक्कत लगी, क्योंकि उन्होंने लिरिक्स वीडियो में मेरी कुछ ऐसी तस्वीरें इस्तेमाल की थीं, जो अच्छी नहीं लग रही थीं। उन्होंने संजय और मेरी एक AI से बनी तस्वीर भी इस्तेमाल की थी। यह सब देखकर मैं उस इवेंट में बहुत ज्यादा चिढ़ गई थी। फिर भी, मैंने खुद को शांत रखा। मैंने जो देखा, उसे लेकर मैं बहुत असमंजस में थी। जब मैंने हिंदी वर्जन देखा, तो मुझे पता चल गया था कि इसकी बहुत आलोचना होगी। मैंने डायरेक्टर से कहा कि यह ठीक नहीं है। मैंने खुद को इस प्रोजेक्ट से अलग कर लिया। मैंने कहीं भी इसका प्रमोशन नहीं किया। मैंने डायरेक्टर से साफ कह दिया कि इस प्रोजेक्ट से मेरी इमेज और मेरी इज्जत दांव पर लगी हुई है।’
वकीलों की टीम बोली- ये सब बाद में सोची गई बात
हालांकि, इन सब के बीच याचिकाकर्ता वकीलों ने नोरा फतेही की सफाई को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि यह ‘बाद में सोची गई बात’ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कलाकार किसी प्रोजेक्ट के लिए क्रेडिट और पैसे तो ले सकते हैं, लेकिन साथ ही उसके कंटेंट से खुद को अलग नहीं कर सकते। वकीलों ने यह भी कहा कि AI टूल्स के इस्तेमाल से लोगों की जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाती।



