*राष्ट्रीय अंधत्व एवं अल्प दृष्टि नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत मोतियाबिंद शल्यक्रिया हुआ सफलतापूर्वक संपन्न*
सक्ती, 08 जनवरी 2026// कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पूजा अग्रवाल के कुशल मार्गदर्शन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सक्ति में राष्ट्रीय अंधत्व एवं अल्प दृष्टि नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत विगत दिवस नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. शिवांगी रंजनी द्वारा 06 मोतियाबिंद मरीजों की शल्यक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न की गई। इस कार्यक्रम के अंतर्गत समस्त ऑपरेशन निर्धारित राष्ट्रीय मानक प्रोटोकॉल, पूर्ण सुरक्षा एवं संक्रमण नियंत्रण मानकों के अनुरूप किए गए। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले में दृष्टिहीनता की रोकथाम करना तथा बुजुर्ग एवं जरूरतमंद मरीजों को बेहतर दृष्टि प्रदान करना है। इस कार्यक्रम में सफल शल्यक्रिया के पश्चात मरीजों को स्पष्ट दृष्टि प्राप्त होने की दिशा में महत्वपूर्ण लाभ मिला है, जिससे उनकी दैनिक जीवन की गुणवत्ता, आत्मनिर्भरता एवं सामाजिक सहभागिता में उल्लेखनीय सुधार होगी। राष्ट्रीय अंधत्व एवं अल्प दृष्टि नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित सभी 06 मरीजों की मोतियाबिंद शल्यक्रिया पूर्णतः सफल रही। शल्यक्रिया से पूर्व प्रत्येक मरीज की निर्धारित चिकित्सा प्रोटोकॉल के अनुसार विस्तृत पूर्व-शल्य जांच की गई, जिसमें नेत्रों की समग्र जांच के साथ-साथ रक्तचाप, रक्त शर्करा एवं अन्य आवश्यक चिकित्सीय परीक्षण सम्मिलित थे, जिससे शल्यक्रिया की सुरक्षा एवं सफलता सुनिश्चित की जा सके। सभी शल्यक्रियाएं पूर्णतः स्वच्छ, सुरक्षित एवं संक्रमण नियंत्रण मानकों में विशेषज्ञ चिकित्सकीय दल द्वारा संपन्न की गईं। शल्यक्रिया उपरांत मरीजों को आवश्यक औषधियां, देखभाल संबंधी विस्तृत परामर्श तथा नियत फॉलोअप की जानकारी प्रदान की गई। शल्यक्रिया पश्चात सभी मरीजों की स्थिति स्थिर एवं संतोषजनक पाई गई। उक्त नेत्र शल्यक्रिया कार्यक्रम की सफलता में स्वास्थ्य विभाग की सहयोगी टीम का उल्लेखनीय योगदान रहा। कार्यक्रम में श्री जीवन सिंह (स्टाफ नर्स), श्री आशीष कुमार राठौर, श्री विजय रठिया, श्री एस. के. थवाईत, श्री मोहन खैरवार (नेत्र सहायक अधिकारी), श्री आशीष टंडन (ओटी अटेंडेंट) तथा श्री मुकेश महंत (चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी) द्वारा टीमवर्क के साथ सराहनीय सहयोग प्रदान किया गया। यह आयोजन जिले में सुलभ, गुणवत्तापूर्ण एवं मानवीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।



