Cg News जीएम कार्यालय के सामने मजदूर का शव रखकर प्रदर्शन:- मुआवजा व नौकरी के आश्वासन पर खत्म हुआ आंदोलन….
कोरबा — छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में स्थित कुसमुंडा खदान में काम करने वाले एक ठेका मजदूर की ड्यूटी के दौरान तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। ठेका कंपनी की अनदेखी से नाराज परिजनों और सहकर्मियों ने एसईसीएल के महाप्रबंधक कार्यालय के सामने शव रखकर जोरदार प्रदर्शन किया। करीब ढाई घंटे तक चले इस आंदोलन के बाद प्रबंधन द्वारा तत्काल सहायता राशि और नौकरी के आश्वासन पर मामला शांत हुआ।
मृतक की पहचान कांशी दास महंत (34 वर्ष) के रूप में हुई है, जो जांजगीर-चांपा जिले के कठरा बुड़गहन का निवासी था। वह कुसमुंडा थाना क्षेत्र के नरईबोध में अपने परिवार के साथ रहकर ठेका कंपनी में कोल सैंपलिंग का कार्य कर रहा था।
बताया गया कि कोयला मंत्रालय द्वारा कोयला सैंपलिंग का कार्य क्यूसीपीएल कंपनी को दिया गया है, जिसने आगे पेटी ठेके पर यह काम गुजरात की रवि एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड (REPL) को सौंप रखा है। यह कंपनी वर्ष 2023 से कुसमुंडा खदान में कार्यरत है, जहां लगभग 160 मजदूर काम कर रहे हैं।
बुधवार को कांशी दास महंत नाइट शिफ्ट में ड्यूटी पर था। सुबह घर लौटने से पहले ही कार्यस्थल पर उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह बेहोस खाकर गिर पड़ा। सहकर्मियों ने उसे तत्काल विकासनगर स्थित एसईसीएल डिस्पेंसरी पहुंचाया, जहां से उसे रेफर कर दिया गया। बाद में कोसाबाड़ी स्थित एक निजी अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मर्क्युरी भेजा गया, जहां परिजन और सहकर्मी बड़ी संख्या में पहुंच गए। ठेका कंपनी के कोऑर्डिनेटर से मुआवजा और नौकरी की मांग की गई, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर आक्रोश बढ़ गया। इसके बाद परिजन शव लेकर जीएम कार्यालय पहुंचे और मुख्यद्वार के सामने प्रदर्शन शुरू कर दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही एसईसीएल और ठेका कंपनी के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर परिजनों से बातचीत की, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। अंततः प्रबंधन और ठेका कंपनी की ओर से तत्काल सहायता राशि और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का आश्वासन दिया गया, जिसके बाद करीब ढाई घंटे बाद आंदोलन समाप्त हुआ।



