59.87 लाख की ऑनलाइन ठगी का खुलासा, इंजीनियर मास्टरमाइंड समेत 4 आरोपी गिरफ्तार
बिलासपुर। साइबर थाना बिलासपुर ने ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के बड़े मामले का पर्दाफाश करते हुए 59 लाख 87 हजार 994 रुपये की ठगी में शामिल गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इंदौर जिले के महू से 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर मास्टरमाइंड भी शामिल है, जिसने फर्जी वेबसाइट और एप बनाकर निवेशकों को करोड़ों का चूना लगाया।
पुलिस महानिरीक्षक डॉ. संजीव शुक्ला और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में बनी विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंक रिपोर्ट के आधार पर इंदौर जिले के महू में दबिश दी। टीम ने 3 दिन तक निगरानी रखकर आरोपियों को पकड़ा।
गिरफ्तार आरोपी:- 1. ललीत कुमार (32) – महू, जिला इंदौर (एनआईआईटी दिल्ली से सॉफ्टवेयर इंजीनियर),2. बबलू उर्फ कमलजीत सिंह चौहान (38) – अयोध्यापुरी कॉलोनी, महू,3. अर्पित साल्वे (30) – गिरनार सिटी, महू,4. रोहित निषाद (25) – शिवनगर कॉलोनी, महू
जप्त सामान:- 24 मोबाइल फोन, 8 एटीएम कार्ड, 2 पैन कार्ड, चेकबुक और पासबुक।
ठगी का तरीका (Modus Operandi):- आरोपी गणेशम सिक्योरिटी नाम की फर्जी एजेंसी के जरिए आम लोगों को गोल्ड और शेयर मार्केट में निवेश पर मोटा मुनाफा देने का झांसा देते थे। शुरुआती निवेश पर फर्जी लाभ दिखाकर विश्वास दिलाते और बाद में करोड़ों रुपये हड़प लेते थे।
मुख्य आरोपी ललीत कुमार, जो एनआईआईटी दिल्ली से सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की पढ़ाई कर चुका है और पहले ऑनलाइन शॉपिंग साइट में मैनेजर रह चुका है, उसने अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी वेबसाइट और ऐप बनाए और महू क्षेत्र में बैंक खातों का इस्तेमाल करके ठगी को अंजाम दिया।
आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड में बिलासपुर लाया गया और उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।



