कचरे के ढेर पर बैठाकर स्वच्छता दीदियों को ले जाने का वीडियो वायरल बिना नंबर प्लेट वाले ट्रैक्टर में खुले में हो रहा था कचरे का परिवहन, महापौर और निगम आयुक्त ने दिए जांच के आदेश
कोरबा। नगर निगम क्षेत्र के बुधवारी इलाके का बताया जा रहा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सफाई व्यवस्था और स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। वीडियो में स्वच्छता दीदी की ड्रेस पहने दो महिलाएं कचरे से भरे ट्रैक्टर के ऊपर बैठी दिखाई दे रही हैं। इसी ट्रैक्टर से खुले में कचरे का परिवहन किया जा रहा था। ट्रैक्टर पर नंबर प्लेट भी नजर नहीं आ रही है।
वायरल वीडियो से निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल
वीडियो सामने आने के बाद नगर निगम की व्यवस्था और सफाई कार्य में लगे कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। कचरे के ढेर पर महिलाओं को बैठाकर परिवहन करना और बिना नंबर प्लेट वाले ट्रैक्टर का इस्तेमाल किए जाने के मामले को गंभीर माना जा रहा है।
महापौर ने दिए मामले की जांच के निर्देश
मामले को लेकर मीडिया से चर्चा में महापौर संजू देवी राजपूत ने कहा कि वीडियो में दिखाई दे रहा ट्रैक्टर प्रथम दृष्टया नगर निगम का वाहन नहीं लग रहा है। उन्होंने कहा कि मामले को गंभीरता से लेते हुए यह पता लगाया जाएगा कि कचरा कहां से लाया जा रहा था और ट्रैक्टर पर बैठी महिलाएं कहां की हैं। जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
निगम आयुक्त बोले—दोषी मिलने पर होगी कार्रवाई
नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडे ने भी वीडियो को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि वीडियो में बुधवारी क्षेत्र में बिना नंबर प्लेट वाले ट्रैक्टर से खुले में कचरा ले जाते हुए और उस पर स्वच्छता दीदी की ड्रेस पहने दो महिलाओं को बैठे हुए देखा जा सकता है।
आयुक्त के अनुसार, ट्रैक्टर किसका है, इसकी पड़ताल कराई जाएगी। यदि वाहन किसी ठेकेदार का है और सफाई कार्य में लगाया गया है, तो संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही महिलाओं की पहचान कर यह भी पता लगाया जाएगा कि वे वास्तव में स्वच्छता दीदी हैं या नहीं।
जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
महापौर और निगम आयुक्त ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। अब जांच में यह स्पष्ट होगा कि ट्रैक्टर किसका था, कचरे का परिवहन किसके द्वारा कराया जा रहा था और महिलाओं को इस तरह ले जाने के लिए कौन जिम्मेदार था। निगम प्रशासन ने भविष्य में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करने की बात कही है।



