हसौद में हुआ RSS का युवा सम्मेलन:शताब्दी वर्ष पर तहसील परिसर मैदान में आयोजन; युवाओं से समाज में परिवर्तन का आह्वान


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर गुरुवार को हसौद में युवा सम्मेलन आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम मुख्य रोड स्थित तहसील परिसर में गुरुवार को हुआ। सम्मेलन में युवाओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
राष्ट्रीय सेवक संघ छत्तीसगढ़ प्रान्त के प्रांत प्रचारक अभयराम कुम्भकार जी रायपुर ने मुख्य भाषण में युवाओं से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद, शिवाजी महाराज और गुरु तेग बहादुर के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज में सुधार और विकास किया जा सकता है।
युवा जागरण ही विकसित भारत की पहली सीढ़ी है।वर्तमान में युवाओं को न केवल शिक्षित होना है बल्कि राष्ट्र निर्माण की दिशा में अपनी ऊर्जा का सही उपयोग भी करना है।युवा जागरण के जरिये ही राष्ट्र को समर्थ और संगठित बनाया जा सकता है। युवाओं को न सिर्फ शिक्षित बनाना है, बल्कि राष्ट्र निर्माण की दिशा में अपनी ऊर्जा का सही उपयोग भी करना है।खंड संचालक श्री रोहित कुमार चंद्रा जी ने अपने उध्बोधन में कहा कि युवा जागरण के जरिये ही राष्ट्र को समर्थ और संगठित बनाया जा सकता है, कि वर्तमान में युवाओं को न केवल शिक्षित होना है बल्कि राष्ट्र निर्माण की दिशा में अपनी ऊर्जा का सही उपयोग भी करना है। युवा जागरण ही विकसित भारत की पहली सीढ़ी है। युवाओं के सामाजिक दायित्वों और विद्यार्थी जीवन में अनुशासन के महत्व के साथ समाज के हर वर्ग को एकजुट करने का आह्वान किया। युवाओं ने भी ऐसे रचनात्मक कार्यक्रमों से जुड़े रहने का संकल्प लिया।
इस दौरान श्री शेषनारायण सोनी प्रांत घोषप्रमुख,योगेश्वर साहू जी विभाग प्रचारक,देवलाल कश्यप जी,श्री लक्ष्मण दास मानिकपुरी जी विभाग सेवा प्रमुख,श्री दिलहरण कश्यप जी विभाग सामाजिक समरसता संयोजक,श्री अमरदास मानिकपुरी जी जिला कार्यवाह सक्ती, श्री शत्रुघन केंवट जी जिला सह कार्यवाह सक्ती,श्री मनोज गबेल जी जिला व्यवस्था प्रमुख,श्री विनोद चंद्रवंशी जी जिला प्रचारक सक्ती,श्री अजीत उपाध्याय जी जिला सेवा प्रमुख सक्ती,श्री मोहन मांझी जी जिला सामाजिक समरसता संयोजक,श्री धर्मेंद्र सिंह राय जी खंड सह संघ चालक कार्यवाह एवं सभी संघ के लोग मौजूद रहे।
शाखा सत्र से युवाओं को प्रेरित किया
इसमें संविधान की जानकारी, नागरिक कर्तव्य और गुरु तेग बहादुर जी के संबंधित जानकारी शामिल थी। कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण से हुई, इसके बाद शाखा सत्र में विभिन्न समूहों में देशभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी पर चर्चा की गई।



