छपोरा राशन दुकान में लाखों के गबन का आरोप: जिला खाद्य अधिकारी ने गठित की जांच टीम, दो दिन मे रिपोर्ट प्रस्तुत करने के दिए निर्देश
सक्ती जिले के छपोरा स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान में राशन वितरण में अनियमितता और लाखों रुपये मूल्य के चावल एवं शक्कर के गबन के आरोपों को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। मामले की जांच के लिए जिला खाद्य अधिकारी ने दो सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी है और अधिकारियों को दो दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, छपोरा की शासकीय उचित मूल्य दुकान का संचालन जय घाट गोसाईन महिला समूह द्वारा किया जा रहा है। दुकान के खिलाफ सक्ती कलेक्टर, जिला खाद्य अधिकारी और एसडीएम को शिकायत सौंपकर राशन वितरण में गड़बड़ी तथा रिकॉर्ड में हेरफेर कर लाखों रुपये के राशन के गबन का आरोप लगाया गया है।
शिकायत में कहा गया है कि लंबे समय से राशन वितरण में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही थी। कई हितग्राहियों के नाम पर राशन वितरण की ऑनलाइन एंट्री दर्ज की गई, जबकि संबंधित हितग्राहियों को वास्तविक रूप से राशन नहीं मिला। आरोप है कि रिकॉर्ड में हेरफेर कर चावल और शक्कर का गबन किया गया है।
मामले को और गंभीर इसलिए माना जा रहा है क्योंकि केंद्र शासन के निर्देशानुसार अप्रैल, मई और जून माह का राशन एकमुश्त वितरण किया जाना है, जिसके लिए मार्च माह में ही आबंटन उपलब्ध करा दिया गया था। बताया जा रहा है कि एकमुश्त राशन आवंटन की व्यवस्था के बाद ऑनलाइन स्टॉक और वास्तविक भंडारण के बीच अंतर सामने आने की आशंका जताई जा रही है। शिकायतकर्ता का दावा है कि ऑनलाइन रिकॉर्ड में लाखों रुपये का चावल उपलब्ध दर्शाया जा रहा है, जबकि भौतिक सत्यापन में भारी कमी उजागर हो सकती है।
इन आरोपों के बाद जिला खाद्य अधिकारी खुमेश्वर सिंह ने जांच टीम का गठन किया है। जांच टीम में सक्ती के खाद्य निरीक्षक अजीत कुजूर और मालखरौदा के खाद्य निरीक्षक जितेंद्र दिनकर को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
जिला खाद्य अधिकारी ने दोनों अधिकारियों को मौके पर जांच कर दो दिनों के भीतर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि राशन वितरण में अनियमितता और गबन के आरोपों में कितनी सच्चाई है तथा मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाएगी



