सक्ती। जिले के रबेली गांव में नए शराब दुकान खोले जाने के विरोध में ग्रामीणों का आक्रोश एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है।

सोमवार को गांव के गौठान परिसर में बड़ी संख्या में महिलाएं और ग्रामीण एकत्रित होकर शराब दुकान के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने साफ कहा कि गांव के माहौल और युवाओं के भविष्य को देखते हुए वे किसी भी हाल में शराब दुकान खुलने नहीं देंगी।
ग्रामीणों का आरोप है कि करीब तीन से चार माह पहले इसी मुद्दे को लेकर गांव में चक्का जाम किया गया था। उस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया था कि बिना ग्रामवासियों की सहमति के शराब दुकान नहीं खोली जाएगी। लेकिन अब प्रशासन के आश्वासन के विपरीत गौठान के सरकारी भवन में रातों-रात शराब डंप कर दी गई, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ गई है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि गौठान जैसे सार्वजनिक और ग्रामीण गतिविधियों के केंद्र में शराब भंडारण किया जाना पूरी तरह गलत है। महिलाओं ने इसे गांव की सामाजिक व्यवस्था और सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए तत्काल शराब दुकान खोलने की प्रक्रिया रोकने की मांग की है।
वहीं ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही इस मामले में सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। ग्रामीण चक्का जाम, धरना और भूख हड़ताल जैसे कदम उठाने की बात भी कह रहे हैं।
फिलहाल मामले को लेकर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन गांव में जारी विरोध प्रदर्शन से स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।



