जिले में उर्वरक विक्रेताओं पर प्रशासन सख्त, 7 फर्मों पर कार्रवाई
सक्ती, 07 अप्रैल 2026। जिले में किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराने और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के निर्देशन एवं उप संचालक कृषि तरुण प्रधान के मार्गदर्शन में जिला एवं विकासखंड स्तर पर गठित टीमों द्वारा लगातार औचक निरीक्षण किया जा रहा है।

निरीक्षण के दौरान निजी एवं सहकारी उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों में कई अनियमितताएं सामने आईं, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए कुल 7 फर्मों के विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया है।
तहसील हसौद स्थित मेसर्स तरुण हार्डवेयर एवं प्लाई सेंटर तथा जैजैपुर के भातमाहूल में मेसर्स सक्ती आधुनिक फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के विक्रय पर 21 दिनों का प्रतिबंध लगाया गया है।
वहीं मालखरौदा विकासखंड में मेसर्स बद्रीप्रसाद साहू (मुडपार), मेसर्स कमल (बीरभाठा) तथा प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियां कलमा और मडवा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा मेसर्स धनलक्ष्मी कृषि केन्द्र, लवसरा के विक्रय स्थल एवं गोदाम में उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के उल्लंघन पाए जाने पर विक्रय तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया गया।
जांच के दौरान स्टॉक सूची अपडेट नहीं होना, स्टैकिंग में गड़बड़ी तथा पीओएस स्टॉक और भौतिक स्टॉक में अंतर जैसी गंभीर कमियां सामने आईं। सभी संबंधित संचालकों को 7 दिनों के भीतर वैध दस्तावेजों के साथ जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, अन्यथा लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खरीफ सीजन में किसानों को उचित मूल्य पर उच्च गुणवत्ता वाले खाद, बीज और कीटनाशक उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि कालाबाजारी या अधिक कीमत वसूलने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
निरीक्षण के दौरान जिला नोडल अधिकारी सुमान पैकरा, सहायक नोडल अधिकारी कृतराज, सहायक विकासखंड अधिकारी (जैजैपुर) राजेन्द्र कुमार चन्द्रवंशी सहित कृषि विभाग के अधिकारी एवं उर्वरक निरीक्षक उपस्थित रहे।



