राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें याद करते हुए पीसीसी के महासचिव इं. रवि पाण्डेय ने स्मरण किया।
पीसीसी के संयुक्त महासचिव इंजी.रवि पाण्डेय ने कहा की देश को अंग्रेजो की गुलाम से आजाद दिलाने के लिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने अपने अथक प्रयास किए जिसके फलस्वरूप आज हम आजाद है। महात्मा गांधी जी ने अपना पूरा जीवन राष्ट्रहित में लगा दिया। सत्य और अहिंसा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के दो हथियार थे, जिन्होंने इसे भयावह और बेहद कठिन समय में अपनाया। उन्होंने अहिंसा के मार्ग पर चलकर बड़े बड़े आंदोलन किए और उनपर विजय हासिल की देशवासियों के लिए एक प्रेरणा स्रोत भी बने। राष्ट्रपिता और बापूजी के नाम से महात्मा गांधी को पुकारा जाता है। वे अपने व्यक्तित्व का प्रभाव न सिर्फ भारत में अपितु पूरी दुनिया में डाल महात्मा गांधी कोई भी फार्मूला पहले खुद पर अपनाते थे और फिर अपनी गलतियों से सीख लेने की कोशिश करते थे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी हमेशा कहते थे बुरा मत देखो बुरा मत सुनो और पूरा मत कहो व्यक्ति थे और उनके जीवन के इन्हीं आदर्श ने उन्हें राष्ट्रपिता की संज्ञा दिलाई है।
इसी प्रकार से पीएससी के संयुक्त महासचिव रवि पाण्डेय ने कहा की आज के दिन ही भारत देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी का जन्मदिन है। उन्हें नमन करते हुए कहा की, लाल बहादुर शास्त्री न सिर्फ एक सच्चे देशभक्त थे बल्कि महान स्वतंत्रता सेनानी के रूप में भी जाना जाता है उनकी छवि एक दूरदर्शी ईमानदार और निष्ठावान राजनेता के रूप में है जिन्होंने अपने प्रधानमंत्री के कार्यकाल के दौरान देश को कई संकटों से उबरा और देश की उन्नति विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। लाल बहादुर शास्त्री जी ने दूध उत्पादन की बढ़ोतरी के लिए श्वेत क्रांति को भी बढ़ावा दिया है।



