जल जीवन मिशन की नल-जल योजना में लापरवाही, घटिया पाइपलाइन और उबड़-खाबड़ रास्ते से ग्रामीण परेशान
रिपोर्टर..योगेन्द्र साहू
सक्ति जिले के हसौद से बड़ी खबर – जल जीवन मिशन के तहत चल रही नल-जल योजना में गंभीर लापरवाही सामने आ रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि घटिया पाइपलाइन बिछाई जा रही है और उसे पर्याप्त गहराई में दबाया भी नहीं जा रहा, जिससे इसके टूटने का खतरा लगातार बना हुआ है।
नलों के चैम्बर भी इतने कमजोर बनाए गए हैं कि पानी सप्लाई शुरू होने से पहले ही टूटने लगे हैं। गांववासियों ने कई बार इस बारे में पीएचई विभाग के अधिकारियों को शिकायत दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
बता दें कि जल जीवन मिशन की शुरुआत वर्ष 2019 में हुई थी और सरकार का लक्ष्य है कि 2024 तक हर घर तक नल से जल पहुंचे। इसके लिए केंद्र सरकार ने पीएचई विभाग को करोड़ों रुपये का बजट भी आवंटित किया है। बावजूद इसके, काम में भारी अनियमितताएं बरती जा रही हैं।
मिलन चौक में रात के अंधेरे में पाइप डालने के लिए गड्ढा खोदा गया, लेकिन उसमें गिट्टी की जगह सिर्फ मिट्टी भर दी गई। इससे रास्ता बेहद फिसलन भरा हो गया है और बाइक सवारों के गिरने का खतरा लगातार बना हुआ है।
दुकानों के सामने पाइप डालने के लिए खोदे गए गड्ढों में ईंटें भी सही से नहीं लगाई गईं। कुछ ईंटें ऊपर निकली हुई हैं, जिससे रास्ता उबड़-खाबड़ हो गया है। बाइक सवार अब किनारे से गाड़ी निकालने में डर महसूस करते हैं। रोज़ गिरने की आशंका बनी रहती है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि काम की गुणवत्ता की जांच कराई जाए और दोषी ठेकेदारों व अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि जल जीवन मिशन का उद्देश्य सही मायनों में पूरा हो सके।



