जांजगीर-चांपा जिले में सड़क बदहाली को लेकर हुए चक्का जाम मामले में पुलिस ने करीब 7 महीने बाद कार्रवाई करते हुए विधायक व्यास कश्यप सहित 12 आंदोलनकारियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई कोतवाली पुलिस द्वारा की गई, हालांकि मामला जमानती होने के कारण सभी को मुचलके पर रिहा कर दिया गया।
दरअसल, 30 जून 2025 को जर्जर जर्वे–पीथमपुर रोड के निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने खोखसा ओवरब्रिज पर करीब 6 घंटे तक चक्का जाम किया था। इस दौरान एक एम्बुलेंस को रोके जाने का आरोप भी लगा था।
एम्बुलेंस चालक की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने विधायक व्यास कश्यप सहित 12 नामजद और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 191(2) और 126(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया था। रिपोर्ट में बताया गया कि 30 जून की शाम करीब 4 बजे मरीज को लेकर जा रही एम्बुलेंस को जाम के कारण देरी हुई।
इसी प्रकरण में कोतवाली पुलिस के हवलदार राकेश तिवारी ने विधायक व्यास कश्यप और अन्य आरोपियों को उनके कार्यालय में ही गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद सभी को जमानत दे दी गई।
विधायक व्यास कश्यप का बयान…..
गिरफ्तारी से डरने का सवाल ही नहीं है। यह लड़ाई जनता के हक और अधिकार की है।जांजगीर–पीथमपुर सड़क हो या नैला ओवरब्रिज, कई मामले आज भी मंत्रालय में लंबित हैं। प्रशासन ने मई में धरने के दौरान लिखित आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक काम शुरू नहीं हुआ।चाहे कितनी भी गिरफ्तारियां हों, कितने भी चक्का जाम हों—जनता की आवाज के लिए हम हर संघर्ष को तैयार हैं।



