सत्ता खोकर तड़प रही कांग्रेस, फैला रही अराजकता: प्रशांत सिंह ठाकुर
सक्ती में भाजपा की “लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ” संगोष्ठी आयोजित; SIR और मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस पर लगाए आरोप
सक्ती। भारतीय जनता पार्टी के देशव्यापी अभियान “लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ” के तहत सक्ती में भाजपा जिलाध्यक्ष टिकेश्वर सिंह गबेल की अध्यक्षता में विशाल संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता प्रशांत सिंह ठाकुर रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में रामावतार अग्रवाल, प्रीतम गबेल, प्रदेश मंत्री विद्या सिदार, डॉ. खिलावन साहू, आचार्य राजेंद्र शर्मा, भुवन भास्कर यादव और अन्नपूर्णा राठौर मंचस्थ रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता के तैलचित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रशांत सिंह ठाकुर ने कांग्रेस पर सत्ता खोने के बाद अराजकता फैलाने और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का आरोप लगाया।
SIR प्रक्रिया को लेकर रखे विचार
प्रशांत सिंह ठाकुर ने कहा कि चुनाव में हार के बाद कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग, ईवीएम और एसआईआर जैसी प्रक्रियाओं पर सवाल उठाती है। उन्होंने दावा किया कि स्वतंत्र भारत में अब तक 12 बार एसआईआर हुआ है, जिनमें से 10 बार कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकारों के समय हुआ।
उन्होंने एसआईआर को मतदाता सूची की घर-घर जाकर जांच करने की निर्वाचन आयोग की संवैधानिक प्रक्रिया बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य मृत, स्थायी रूप से पलायन कर चुके और डुप्लीकेट मतदाताओं के नामों की जांच करना है।
मतदाता सूची के आंकड़ों पर कांग्रेस से सवाल
ठाकुर ने अपने संबोधन में एसआईआर से जुड़े आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा कि 13 करोड़ नामों के विवरण में 6.3 करोड़ संभावित स्थायी प्रवासी, 3 करोड़ सर्वे के दौरान अनुपस्थित, 2.8 करोड़ मृत घोषित और 1 करोड़ डुप्लीकेट पंजीकरण के रूप में दर्ज हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि विपक्ष मतदाता सूची में डुप्लीकेट और मृत मतदाताओं के नाम क्यों बनाए रखना चाहता है।
उन्होंने कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस पहले अवैध मतदाताओं के नाम हटाने को नियमित प्रक्रिया बता चुकी है, जबकि अब एसआईआर को लेकर भ्रम फैला रही है।
विपक्ष पर अराजकता फैलाने का आरोप
प्रशांत सिंह ठाकुर ने विपक्षी दलों और उनके समर्थित तत्वों पर चुनाव हारने के बाद संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने पुलिसकर्मियों, बूथ लेवल अधिकारियों और महिला अधिकारियों पर हमलों, सत्ता परिवर्तन संबंधी धमकियों तथा विदेशी फंडिंग से जुड़ी गतिविधियों का भी उल्लेख किया। ये आरोप उनके संबोधन का हिस्सा रहे।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे उपस्थित
कार्यक्रम में संयोजक विनोद बंसल, नितिन सोनी, मांगेराम अग्रवाल, दीपक गुप्ता, रंजन सिंहा, धनंजय नामदेव, रामनरेश यादव, अभिषेक शर्मा, गेंदराम मनहर, पहलवान दास महंत, दीपक ठाकुर, संतोष राठौर, जिला पंचायत सदस्य उमा राठौर, आयुष शर्मा, सुशीला सिंहा, आशा साव, अनीता गोपाल, सुषमा कसेर, भुनेश्वर यादव, संजय अग्रवाल, नटवर सिदार, सुमित शर्मा, तपेश शर्मा, रमेश अग्रवाल, भुवन सोनी और पुरुषोत्तम खूंटे सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
नोट: संगोष्ठी में प्रस्तुत एसआईआर संबंधी आंकड़े और कांग्रेस पर लगाए गए आरोप वक्ता के दावों पर आधारित हैं।



