पीथमपुर में बाबा कालेश्वर नाथ धाम के पास अवैध रेत खनन का मामला, ग्रामीणों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग,,
जांजगीर-चांपा जिले के पीथमपुर गांव से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां बाबा कालेश्वर नाथ धाम के आसपास लगातार अवैध रेत खनन और भंडारण किए जाने की शिकायत ग्रामीणों ने प्रशासन से की है।ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोगों द्वारा बिना किसी वैध अनुमति के बड़े पैमाने पर रेत का उत्खनन और भंडारण किया जा रहा है। यह न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि कानून का भी खुला उल्लंघन है।बताया जा रहा है कि यह गतिविधियां पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 और छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के प्रावधानों के खिलाफ हैं। साथ ही, सर्वोच्च न्यायालय और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के दिशा-निर्देशों की भी अनदेखी की जा रही है।अवैध खनन के कारण नदी और नालों का प्राकृतिक स्वरूप बिगड़ रहा है, जलस्तर गिर रहा है और भूमि कटाव जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। वहीं, सार्वजनिक स्थानों और सड़कों पर रेत के ढेर लगाए जाने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि रात के समय भारी वाहनों की आवाजाही से क्षेत्र में रहने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।सबसे बड़ी बात यह है कि यह क्षेत्र एक धार्मिक स्थल — बाबा कालेश्वर नाथ धाम — के आसपास है, जिससे लोगों की आस्था भी प्रभावित हो रही है।ग्रामीणों की मांग है कि अवैध रेत खनन और भंडारण पर तत्काल रोक लगाई जाए दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो अवैध रेत को जब्त किया जाए क्षेत्र में नियमित निगरानी और गश्त बढ़ाई जाए ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहले भी अधिकारियों को इस मामले से अवगत कराया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले पर कब तक कार्रवाई करता है और क्या अवैध खनन पर लगाम लग पाती है या नहीं।



