लछनपुर में शासकीय आम रास्ता और मिसल भूमि पर अवैध बटांकन–बिक्री का आरोप, दोषियों व जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
जांजगीर–चांपा जिले की सभापति सामाजिक कल्याण समिति, उमा राजेंद्र राठौर ने कलेक्टर को आवेदन दिया है शिकायत की तहसील जांजगीर अंतर्गत ग्राम लछनपुर में शासकीय आम रास्ता एवं मिसल भूमि से अधिक रकबे का अवैध बटांकन कर खरीदी–बिक्री किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस संबंध में कलेक्टर जनदर्शन में पूर्व में दिए गए आवेदन के आधार पर अब दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
शिकायत के अनुसार मेसर्स नारायणी डेवेलपर्स और उसके भागीदारों पर आरोप है कि उन्होंने राजस्व अभिलेखों में दर्ज शासकीय सड़क व मिसल भूमि—खसरा नंबर 1083, 1087 और 1084/4—में हेरफेर कर अवैध प्लाटिंग की और भूमि के टुकड़े बेचकर मोटी रकम अर्जित की। बताया गया है कि मिसल रिकार्ड और वाजिबूल अर्ज नक्शे में दर्ज शासकीय भूमि को अवैध रूप से निजी भूमि में विलय कर शासन को करोड़ों रुपये की क्षति पहुंचाई गई।
मामले में दिनांक 24 मई 2024 को तहसीलदार जांजगीर के न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया गया था, जिस पर 14 जून 2024 को अवैध बिक्री पर स्थगन आदेश जारी हुआ। जांच के दौरान हल्का पटवारी की रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि खसरा नंबर 1084/4 का बटांकन मिसल रकबे से अधिक पाया गया है और इसे शून्य किया जाना योग्य है। इसके बावजूद आरोप है कि फर्जी बटांकन, नामांतरण और नक्शा विभाजन में संलिप्त पटवारी, आरआई और नायब तहसीलदार के खिलाफ अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
शिकायत में यह भी उल्लेख है कि ग्राम लछनपुर के अन्य खसरा नंबरों में दर्ज घास भूमि और आम रास्ते का भी अवैध डायवर्सन किया गया है। आरोप है कि कार्रवाई न होने से अवैध कब्जाधारियों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं और शासकीय भूमि का खुलेआम दुरुपयोग हो रहा है।
अब मांग की जा रही है कि पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच कराकर दोषी व्यक्तियों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए तथा की गई कार्रवाई की जानकारी आवेदक को उपलब्ध कराई जाए। मामला प्रशासनिक जवाबदेही और शासकीय भूमि संरक्षण से जुड़ा होने के कारण जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।



