48 घंटे बाद महानदी में मिली उप सरपंच की लाश: पैसे के बंदरबाट को लेकर की गई हत्या, सरपंच पति समेत 9 लोग गिरफ्तार
सक्ती। सक्ती जिले में उप- सरपंच की लाश 48 घण्टे के बाद महानदी में मिली है। तलाशी के दौरान डभरा क्षेत्र के साराडीह गांव के महानदी में दिखा जिसके बाद कपड़े से उसकी पहचान हो गई है। वहीं हत्या के सभी 9 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि, पंचायत की राशि की बंदरबाट को लेकर यह हत्या की गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला जैजैपुर जनपद पंचायत क्षेत्र के करही गांव का है। जहां के उप- सरपंच महेन्द्र बघेल रहस्यमय तरीके से लापता हो गए हैं। मामले में परिजनों ने गांव के सरपंच पति राजकुमार साहू समेत 9 लोगों पर हत्या करने का आरोप लगाया है। जिसके बाद पुलिस ने सभी के खिलाफ अपराध दर्ज कर हिरासत में ले लिया है।
हत्या कर महानदी में फेंका शव
पुलिस ने तफ्तीश शरू की और हिरासत में लेकर पूछताछ की तो हत्या कर शव को बरेकेल पुल से महानदी की फेंकने की जानकारी सामने आई थी। इस तरह पुलिस ने SDRF की मदद से महानदी में उपसरपंच महेन्द्र बघेल के शव की तलाश शुरू की लेकिन काफी मशक्कत के बाद कुछ पता नहीं चला था। इसके बाद ड्रोन की मदद ली गई और दूर तक शव की तलाश की गई।
SDRF की टीम महानदी में कर रही थी तलाश
उप- सरपंच महेन्द्र बघेल को मारकर नदी में फेंकने की आशंका जताई जा रही है। जिसके बाद SDRF की टीम महानदी में उप सरपंच महेन्द्र बघेल की तलाश कर रही है। परिजनों ने बताया कि, 6 सितंबर की रात्रि सरपंच पति राजकुमार साहू ने फोन के माध्यम से उप सरपंच महेन्द्र बघेल को फोन बुलाया। इसी के बाद से महेन्द्र बघेल का फोन बंद हो गया। जिसके बाद घबराये परिजनों ने खोजबीन की लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला।
सुबह निकाला गया शव
इस दौरान आज देर शाम डभरा क्षेत्र के साराडीह गांव में उपसरपंच का शव दिखा। कपड़े से उसकी पहचान हो गई है, लेकिन रात होने की वजह और महानदी में पानी ज्यादा होने से SDRF की टीम, रात में शव को लेने नहीं जा सकी। जिसके बाद मंगलवार सुबह शव को महानदी से बाहर निकाला गया। और पंचनामा कार्रवाई कर शव को पीएम के लिए भेजा गया।



