जांजगीर में ट्रैफिक पुलिस पर वसूली का आरोप, 12 हजार रुपये के लेनदेन का स्क्रीनशॉट वायरल
ओवरलोड हाईवा पर कार्रवाई नहीं करने के बदले रकम लेने का दावा; HP पेट्रोल पंप के QR स्कैनर से भुगतान कराए जाने की चर्चा, जांच के बाद ही स्पष्ट होगी सच्चाई
जांजगीर। यातायात नियमों का पालन कराने और ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई की जिम्मेदारी संभालने वाली ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। तीन आरक्षकों छोटेलाल अजगल्ले, सुनील राजपूत और धर्मेंद्र तिवारी पर ओवरलोड डस्ट से भरे हाईवा पर कार्रवाई नहीं करने के बदले 12 हजार रुपये लेने का आरोप लगाया गया है। दावा किया जा रहा है कि रकम का भुगतान फोन-पे के माध्यम से पेट्रोल पंप के QR स्कैनर पर कराया गया। इस कथित लेनदेन से जुड़ा स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। साथ ही इस स्क्रीन शाॅर्ट की पुष्टि नहीं करते है।
ओवरलोड हाईवा को रोककर कार्रवाई की चेतावनी देने का आरोप…
मिली जानकारी के अनुसार, 13 अक्टूबर की शाम हथनेवरा चौक के पास फोरलेन पर यातायात पुलिस की चेकिंग चल रही थी। इसी दौरान चांपा की ओर से डस्ट भरकर बिर्रा की तरफ जा रहे एक हाईवा को रोके जाने की बात कही जा रही है।
आरोप है कि वाहन चालक को हाईवा ओवरलोड होने और मासिक एंट्री फीस जमा नहीं होने की बात कहकर कार्रवाई की चेतावनी दी गई। कथित तौर पर 96 हजार रुपये का जुर्माना भरने की बात कहते हुए वाहन को कार्रवाई के लिए ले जाया जा रहा था। इसी दौरान 12 हजार रुपये में मामला निपटाने का आरोप लगाया गया है।
पेट्रोल पंप के QR स्कैनर पर कराया भुगतान
आरोपों के मुताबिक, कथित लेनदेन के लिए HP श्री हरि कृपा एनर्जी पेट्रोल पंप का QR स्कैनर इस्तेमाल किया गया। दावा है कि 13 अक्टूबर की रात करीब 8 बजकर 20 मिनट पर फोन-पे के जरिए 12 हजार रुपये का भुगतान किया गया।
यह भी आरोप लगाया गया है कि भुगतान के बाद आरक्षक छोटेलाल अजगल्ले पेट्रोल पंप के मैनेजर से रकम नकद लेकर गए। कथित लेनदेन से संबंधित स्क्रीनशॉट वायरल होने के बाद मामले को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, भुगतान का उद्देश्य, रकम के अंतिम प्राप्तकर्ता और पूरे घटनाक्रम की पुष्टि स्वतंत्र जांच से ही हो सकेगी।
जांच के बाद सामने आएगी वास्तविकता
इस मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि यदि भुगतान हुआ, तो वह किस मद में और किसके निर्देश पर कराया गया। वायरल स्क्रीनशॉट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच, संबंधित पेट्रोल पंप के रिकॉर्ड तथा आरोपित आरक्षकों और वाहन चालक के बयान से मामले की वास्तविकता स्पष्ट हो सकती है।
फिलहाल इस मामले में यातायात अधिकारी एएसपी उदयन बेहार ने कहा कि अभी किसी प्रकार का कोई लिखित आवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया। कोई आवेदन देता है तो स्पष्ट रूप से कार्यवाही की जाएगी।



