साहू समाज में अब गोधूलि बेला में होंगी शादियां, मृत्यु भोज में पक्का कलेवा पर रोक
जिला साहू संघ राजनांदगांव की बैठक में सामाजिक सुधारों को लेकर कई अहम फैसले; 10वीं-12वीं के मेधावी विद्यार्थियों और उत्कृष्ट खिलाड़ियों का होगा सम्मान
राजनांदगांव। जिला साहू संघ राजनांदगांव की द्वितीय बैठक साहू सदन में जिला अध्यक्ष नोबल साहू की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में सामाजिक व्यवस्था को मजबूत करने, विवाह समारोहों में अनावश्यक खर्च और दिखावे पर रोक लगाने तथा समाज में शिक्षा एवं खेल को बढ़ावा देने सहित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक की शुरुआत संत शिरोमणि भक्त माता कर्मा के तैलचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन, पूजा-अर्चना एवं आरती के साथ हुई। इसके बाद जिले के विभिन्न परिक्षेत्रों और तहसीलों से पहुंचे अध्यक्ष, सचिव एवं पदाधिकारियों ने सामाजिक विषयों पर अपने विचार रखे।
गोधूलि बेला में शादी पर जोर
साहू समाज में विवाह समारोहों को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। अब समाज में गोधूलि बेला में विवाह आयोजित करने पर जोर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य विवाह कार्यक्रमों को सामाजिक परंपराओं के अनुरूप रखते हुए अनावश्यक खर्च, दिखावा और आडंबर को कम करना है। साथ ही सभी तहसील अध्यक्षों को आदर्श विवाह के लिए कम से कम 10 जोड़ों का लक्ष्य दिया गया है।
अंतरजातीय और सगोत्र विवाह पर नियमों के अनुरूप फैसला
बैठक में अंतरजातीय एवं सगोत्र विवाह से जुड़े मामलों पर भी चर्चा हुई। निर्णय लिया गया कि ऐसे प्रकरणों में छत्तीसगढ़ साहू संघ की नियमावली और सामाजिक व्यवस्था के अनुरूप निर्णय लिया जाएगा। मामले पहले ग्रामीण, परिक्षेत्र और तहसील स्तर पर सामने आएंगे तथा आवश्यकता पड़ने पर जिला संगठन को भेजे जाएंगे।
अन्य समाज से आई महिला के अंतिम संस्कार में सम्मान
सामाजिक संवेदनशीलता से जुड़ा अहम फैसला लेते हुए पदाधिकारियों ने तय किया कि अन्य समाज से साहू समाज में आई किसी महिला के निधन की स्थिति में उसका अंतिम संस्कार पूरे सम्मान और सामाजिक गरिमा के साथ किया जाएगा। पदाधिकारियों ने इसे सामाजिक समरसता और मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया।
मृत्यु भोज में पक्का कलेवा पर पूर्ण रोक
सामाजिक कुरीतियों और अनावश्यक आर्थिक बोझ को कम करने की दिशा में बैठक में मृत्यु भोज में पक्का कलेवा करने की प्रथा पर पूर्ण रोक लगाने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा गांव, परिक्षेत्र और तहसील स्तर पर होने वाली सामाजिक बैठकों को दिन के समय आयोजित करने पर जोर दिया गया, ताकि अधिक से अधिक सामाजिक बंधु इसमें शामिल हो सकें।
सगाई-विवाह प्रमाण पत्र की व्यवस्था पर चर्चा
बैठक में सगाई एवं विवाह प्रमाण-पत्र जारी करने की व्यवस्था को भी व्यवस्थित करने पर चर्चा हुई। गांव, परिक्षेत्र और तहसील स्तर से प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के साथ सामाजिक संबंधता शुल्क और सामाजिक संबंधता कार्ड बनाए जाने के विषय पर भी विचार-विमर्श किया गया।
85 प्रतिशत से अधिक अंक वाले विद्यार्थियों का होगा सम्मान
समाज के प्रतिभावान युवाओं और विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। कक्षा 10वीं एवं 12वीं में 85 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को तीज महोत्सव के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा।
यह सम्मान समारोह 20 सितंबर 2026 को आयोजित किया जाएगा। पदाधिकारियों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज के विद्यार्थियों और युवाओं को शिक्षा, खेल एवं अन्य क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलेगी।
नियमावली का पालन करने पर जोर
सामाजिक एकता, अनुशासन और संगठनात्मक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए छत्तीसगढ़ साहू संघ की नियमावली (बायलॉज) का पालन करने का निर्णय लिया गया। पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन की मजबूती के लिए सभी स्तरों पर नियमों का पालन और बेहतर समन्वय जरूरी है।
बैठक के दौरान राज्य एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट योगदान देने वाले खिलाड़ियों तथा चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले समाज के बंधुओं का सम्मान भी किया गया।
कार्यक्रम का संचालन महामंत्री नीलमणि साहू ने किया। अधिकारी-कर्मचारी प्रकोष्ठ के जिला सचिव परदेशी राम साहू ने बैठक में लिए गए निर्णयों एवं कार्यक्रम की जानकारी दी।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ साहू संघ के कार्यकारिणी सदस्य मदन साहू, सलाहकार मोतीलाल साहू, संरक्षक भागवत साहू, जिला अध्यक्ष नोबल साहू, संगठन सचिव इंदू साहू, महामंत्री नीलमणि साहू एवं अनिल कुमार साहू, कोषाध्यक्ष अशोक कुमार साहू सहित विभिन्न तहसीलों एवं परिक्षेत्रों के पदाधिकारी, महिला पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में समाज के गणमान्यजन उपस्थित रहे।



