*केंद्रों में धान खरीदी की लिमिट बढ़ाने की मांग*
-हसौद,धमनी,परसदा,चिस्दा,अमोन्दा,कैथा,देवरघटा, घीवरा,भातमहुल,झरप,किकिरदा समेत विभिन्न धान खरीदी केंद्रो में लिमिट बढ़ाने का मांग की जा रही हैं। अधिक धान की आवक लिखने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं। एक दिन में 1000 क्विंटल धान खरीदी की जा रही है।जिससे किसानों की परेशानी बढ़ रही हैं।किसानों ने बताया कि वर्तमान में धान खरीदी की लिमिट कम होने के कारण सोसाइटी में धान खरीदी कि रफ्तार कम है। इसके साथ ही धान परिवहन की सुविधा शीघ्र शुरू करने और टोकन कटाने में कठिनाइयों को भी दूर करने की मांग की गई है।
*2-से-2.5 हजार क्विंटल कि लिमिट कि मांग*
वहीं क्षेत्र के किसानों ने बताया कि वर्तमान में महज 1000 क्विंटल धान की खरीदी हो रही है अगर इसी तरह से धान खरीदी कि रफ्तार रही तो 31 जनवरी तक धान बेच पाना संभव नहीं होगा,किसानों ने लिमिट को 2- से -2.5 हजार क्विंटल तक बढ़ाने कि मांग कि है जिससे तय समय में धान की खरीदी सुचारू रूप से हो पाये ।

शासन ने टोकन तुंहर द्वार के तहत किसान स्वयं के स्मार्ट फोन से टोकन काट सकते हैं। शासन ने किसानो को स्वयं से टोकन काटने का 70 प्रतिशत एवं समितियों को 30 प्रतिशत अधिकार दिया गया है। लेकिन टोकन तुंहर द्वार की पोर्टल में समस्या आने के कारण किसानो को परेशानी होती है। हर रोज 8 बजे से किसान टोकन काटना शुरू कर देता है क्योकि इस पोर्टल का सर्वर इतना स्लो चलता है जिससे की किसान परेशान हो जाता है। कई बार तो घंटो तक सर्वर गोल-गोल घुमते रहता है।



