Janjgir champa News – ग्रामीणों का फूटा गुस्सा मुख्य मार्ग पर चक्का जाम, प्रदूषण से स्वास्थ्य पर खतरा…
Janjgir champa News – जिले के ग्राम मोहतरा में खुले में राखड़ डंपिंग को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। शुक्रवार सुबह ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। चक्का जाम के कारण सड़क के दोनों ओर भारी वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे आम नागरिकों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
ग्रामीणों का आरोप है कि पास स्थित प्लांट से निकलने वाली राखड़ को भारी वाहनों में भरकर गांव के स्कूल की बाउंड्री वॉल के पास खुले में डंप किया जा रहा है। इससे न केवल स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है, बल्कि आसपास का पर्यावरण भी गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है।
तालाब और रिहायशी इलाकों में फैल रहा प्रदूषण….
ग्रामीणों ने बताया कि राखड़ डंपिंग स्थल के पास निस्तारी का तालाब स्थित है, जिसमें तेज हवाओं के कारण राखड़ उड़कर गिर रही है। इससे तालाब का पानी प्रदूषित हो रहा है, जिसका उपयोग ग्रामीण दैनिक जरूरतों के लिए करते हैं। वहीं खुले में पड़ी राखड़ हवा के साथ घरों तक पहुंच रही है, जिससे सांस और त्वचा संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि राखड़ के दलदल में कई मवेशी और जानवर फंसकर जान गंवा चुके हैं।
पोस्टर और नारों के साथ सड़क पर उतरे ग्रामीण…
सुबह करीब 9 बजे ग्रामीण पोस्टर और तख्तियां लेकर सड़क पर उतर आए। पोस्टरों पर “किसान मरेगा नहीं, लड़ेगा” और “सुनो शासन–सुनो प्रशासन” जैसे नारे लिखे हुए थे। जोरदार नारेबाजी के बीच चक्का जाम किया गया, जिससे पूरे मार्ग पर आवागमन ठप हो गया।
पहले भी की थी शिकायत, नहीं हुई कार्रवाई…
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष भी इसी तरह खुले में राखड़ डंपिंग की गई थी। इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण समस्या जस की तस बनी हुई है।
मौके पर पहुंचा प्रशासन, मांगों पर अड़े ग्रामीण…
चक्का जाम की सूचना मिलते ही तहसीलदार और पुलिस बल मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाइश देने का प्रयास किया। हालांकि ग्रामीण अपनी 6 सूत्री मांगों पर अड़े हुए हैं और साफ कहा है कि मांगें पूरी होने तक चक्का जाम समाप्त नहीं किया जाएगा।

ग्रामीणों की 6 सूत्री मांगें:
राखड़ डंपिंग करने वाले भारी वाहनों पर तत्काल रोक लगाई जाए।
बाढ़ग्रस्त एवं वाटर रिचार्ज क्षेत्रों से राखड़ हटाकर संबंधित कंपनी परिसर में ले जाया जाए।
स्कूल के प्लेग्राउंड को पूर्व स्थिति में बहाल कर सीमा दीवार सहित क्षतिग्रस्त संरचनाओं का पुनर्निर्माण कराया जाए।
ग्रामीण विकास योजना के तहत निर्मित तालाब, सड़क और फूलों की हुई क्षति का पूर्ण पुनर्निर्माण कराया जाए।
मुख्य सड़क से गांव को जोड़ने वाली सड़क पर भारी वाहनों से हुई क्षति की शीघ्र मरम्मत कराई जाए।
खेल मैदान, चारागाह और प्राकृतिक नालों में की गई राखड़ डंपिंग को हटाकर क्षेत्र को पूर्व स्थिति में बहाल किया जाए।



