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चोरीजांजगीर-चांपा

सुने मकान से सोने चांदी के जेवर नगदी रकम सहित 3.70 लाख रु की चोरी:- चोरी की सूचना के बाद भी नहीं पहुंची पुलिस…..

  1. सुने मकान से सोने चांदी के जेवर नगदी रकम सहित 3.70 लाख रु की चोरी:- चोरी की सूचना के बाद भी नहीं पहुंची पुलिस…..

जांजगीर चांपा जिले के नगर पालिका वार्ड नंबर 22 में अज्ञात चोरों ने सुने मकान में चोरी की घटना को अंजाम दिया है। मकान का ताला तोड़कर 3 अलमारी में रखे सोने चांदी के जेवर कीमती 2.50 लाख और कैस 1.20 लाख रु सहित 3.70 लाख रुपए की चोरी की गई है। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र की घटना है।

जानकारी अनुसार, राजू प्रधान जोकि वार्ड नंबर 22 में किराए की मकान पर रहा है। वह मकान में ताला लगाकर अपने परिवार को लेकर 21 अप्रैल से सक्ति जिला अपने पैतृक गांव माता पिता के पास गए हुए थे। जब आज 24 मई की सुबह करीबन 8.30 बजे परिवार के साथ वापस अपने किराए के मकान में पहुंचा तो सामने मेन गेट का दरवाजा लगा हुआ था। मकान के अदर प्रवेश किए तो देखा की कमरे में लगा ताला टूटा हुआ है अलग अलग कमरे में रखे 3 अलमारी भी टूटे हुए थे बेड में समान भिखरे पड़े थे। अलमारी के अंदर रखे सोने चांदी के जेवर 2.50 लाख रुपए और 1.20 लाख रुपए नगदी रकम बच्चों के डोरेमोन की गुलाक में लगभग 10 हजार रु था जिसे अज्ञात चोरों के द्वारा चोरी कर लिया गया है।

चोरी की सूचना के बाद भी नहीं पहुंची सिटी कोतवाली पुलिस,चोरों की हो रही मौज

राजू प्रधान के द्वारा मकान में हुए चोरी की सूचना सुबह 9 बजे लगभग सिटी कोतवाली थाने में आकर दी गई मगर कोई भी पुलिस अधिकारी मौके पर जांच के लिए नहीं पहुंचा है। समान जैसे का जैसा पड़ा हुआ है। सिटी कोतवाली पुलिस की इस रवैए से लगता है कि अब चोरी की घटना में कार्यवाही नहीं करने का दिलचस्पी नहीं है। केवल अवैध शराब पर ही कार्यवाही करने का मन है। ऐसे में आम नागरिकों को पुलिस की काम करने की तरीके से विश्वाश उठाता चला जा रहे।

वार्ड नम्बर 19 में SECL रिटायर्ड कर्मचारी के घर में 21 दिन पहले भी चोरी की घटना हुई थी जिसमें 27.70 लाख रुपए की चोरी की गई थी। जिसका अब तक पुलिस को कोई सुराग नहीं मिल सका है। वही साइबर टीम भी जिला मुख्याल में हो रही चोरी को पकड़ने में नाकाम है। इस तहत से पुलिसंग की व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी है। पुलिस और साइबर टीम यह तय नहीं कर पा रही है कि आखिर चोरी की घटना में किसा हाथ हो सकता है क्या चोर स्थिनीय है या फिर अंतर जिला चोर गिरोह है। यह एक बड़ा सवाल है। जिसके कारण से बहुत से चोरी की घटना के बाद भी चोरों को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है।

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