नक्सली नेता माड़वी हिड़मा का शव पहुंचा पैतृक गांव पूवर्ती, अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में जुटे ग्रामीण
नक्सली संगठन के दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के कुख्यात नेता माड़वी हिड़मा का शव मंगलवार की शाम उसके पैतृक गांव पूवर्ती पहुंचा। ग्रामीणों और परिजनों को हिड़मा की मौत की जानकारी पहले ही मिल गई थी, लेकिन लगभग 76 घंटे बाद शव गांव पहुंचते ही माहौल शोकाकुल हो गया।
आंध्र प्रदेश पुलिस के साथ मंगलवार को हुई मुठभेड़ में हिड़मा मारा गया था। उसकी मौत की खबर जंगलों और सीमावर्ती गांवों में तेजी से फैली, जिसके बाद परिजन और ग्रामीण लगातार उसके गांव लौटने का इंतजार कर रहे थे।
गुरुवार को जब पुलिस द्वारा शव गांव लाया गया, तो बड़ी संख्या में ग्रामीण अंतिम दर्शन के लिए इकट्ठा हो गए। परिजनों में मातम पसरा है और गांव में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है।
हिड़मा का शव गांव पहुंचने के बाद परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि वे उसकी स्थिति और पहचान की पुष्टि के लिए शव को देखने पहुंचे थे।
पुलिस और प्रशासन की टीम गांव में मौजूद है ताकि भीड़ के बीच व्यवस्था बनी रहे और किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने।



