ठंड की दस्तक से बढ़ गए बीपी और ब्रेन स्ट्रोक के मरीज, जानिए डॉक्टर से कारण, लक्षण और बचाव के उपाय
आजकल मौसम में अचानक बदलाव और लोगों की लापरवाही उनके स्वास्थ्य पर भारी पड़ रही है. खासकर, पिछले एक हफ्ते में ब्रेन हेमरेज और स्ट्रोक के मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है. चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि हर साल सर्दियों के मौसम में ब्रेन स्ट्रोक के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी जाती है. इस साल, अन्य वर्षों की तुलना में मामलों की संख्या में लगभग 20 से 30 फीसदी की वृद्धि हुई है. ऐसे में विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि पहले से हृदय की स्थिति वाले लोगों को अधिक खतरा होता है, क्योंकि ठंड के मौसम में दिल का दौरा और अन्य हृदय संबंधी आपात स्थितियों (cardiac emergencies) का खतरा भी बढ़ जाता है.
ठंड के मौसम में स्ट्रोक और ब्लड प्रेशर के मरीज क्यों बढ़ जाते हैं?
विशेषज्ञों के अनुसार, सर्दियों के दौरान स्ट्रोक के मामले 20-30 फीसदी तक बढ़ जाते हैं, और हेमोरेजिक स्ट्रोक का खतरा दोगुना हो सकता है, खासकर बुजुर्गों या हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों में. डॉक्टरों का कहना है कि स्ट्रोक के सबसे ज्यादा मामले जनवरी और फरवरी में दर्ज किए जाते हैं. इस मौसमी उछाल के पीछे पांच मुख्य कारण हैं, जिनमें ब्लड वेसेल्स का संकुचन, जिसके कारण हाई ब्लड प्रेशर होता है, डिहाईड्रेशन, जिसके कारण खून गाढ़ा हो जाता है, हार्मोनल बदलाव, जो दिल पर दबाव डालते हैं, फिजिकल एक्टिविटी में कमी, तथा सुबह 6 बजे से 10 बजे के बीच तापमान में गिरावट, शामिल है. इन सभी कारणों के चलते ठंड के मौसम ब्रेन स्ट्रोक और हृदय संबंधी समस्याएं बढ़ जाती है.
अध्ययन में इस तथ्य का भी उल्लेख किया गया है
इसके अलावा, विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड में दिल का दौरा पड़ने का खतरा भी 50 प्रतिशत तक बढ़ जाता है. लेकिन, सीने में दर्द और छाती कुछ बीमारियां जैसे- अनियमित धड़कन एट्रियल फिब्रिलेशन, हार्ट अटैक, हार्ट इंफेक्शन, अस्थमा, यहां तक कि ब्रेन स्ट्रोक तक को दावत दे सकती हैं. यही कारण है कि विशेषज्ञ दिल और अस्थमा के रोगियों को सर्दियों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह देते हैं. अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की वेबसाइट पर भी इस तथ्य का उल्लेख किया गया है.

ठंड की दस्तक से बढ़ गए बीपी और ब्रेन स्ट्रोक के मरीज, जानिए डॉक्टर से कारण, लक्षण और बचाव के उपाय (GETTY IMAGES)
चिकित्सा विशेषज्ञ सर्दियों के मौसम में निवारक उपायों की सलाह देते हैं, जैसे कि ऑप्टिमल ब्लड प्रेशर बनाए रखना, पर्याप्त पानी पीना, नियमित व्यायाम करना और निर्धारित दवाओं का पालन करना शामिल है. विशेषज्ञों का कहना है कि कम तापमान कई शारीरिक बदलावों का कारण बनता है जिससे स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. उन्होंने आगे कहा कि FAST (चेहरे का लटकना, हाथों में कमजोरी, बोलने में कठिनाई, मदद के लिए पुकारने का समय) जैसे लक्षणों की जल्द पहचान से जीवित रहने और ठीक होने के परिणामों में उल्लेखनीय सुधार हो सकता है.
हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण
डॉ. सौरभ सेठी के अनुसार, हाई ब्लड प्रेशर के आमतौर पर कोई लक्षण नहीं होते. यह आपको सालों तक बिना किसी संकेत के हो सकता है. वास्तव में, विश्व स्वास्थ्य संगठन का अनुमान है कि हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित 46 फीसदी वयस्कों को पता ही नहीं चलता कि उन्हें यह समस्या है. ऐसे में यदि आपका ब्लड प्रेशर बहुत अधिक है, तो आपको निम्न लक्षण हो सकते हैं…

ठंड की दस्तक से बढ़ गए बीपी और ब्रेन स्ट्रोक के मरीज, जानिए डॉक्टर से कारण, लक्षण और बचाव के उपाय (GETTY IMAGES)
- आपके मानसिक कार्य में बदलाव
- सीने में दर्द
- चक्कर आना
- सूजन (एडिमा)
- दिल की धड़कन बढ़ना
- सामान्य से कम पेशाब आना
- दौरे पड़ना
- तेज सिरदर्द
- स्ट्रोक के लक्षण, जैसे अचानक चेहरा लटकना, बोलना लड़खड़ाना या अचानक हाथ या पैर में कमजोरी
- दृष्टि में बदलाव, जैसे आखों में दर्द, दृष्टि हानि या अचानक धुंधली दृष्टि
इसे हाई ब्लड प्रेशर संबंधी इमरजेंसी कंडीशन कहा जाता है. यदि आपका ब्लड प्रेशर 180/120 या उससे अधिक है और आपको ऊपर दिए गए कोई भी लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत अपने स्थानीय आपातकालीन सेवा नंबर पर कॉल करें. यदि आप गर्भवती हैं, तो यदि आपका ब्लड प्रेशर 160/110 या उससे अधिक है और लक्षण दिखाई देते हैं, तो मदद के लिए कॉल करें.
क्या है ब्रेन स्ट्रोक के शुरुआती लक्षण
यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुताबिक, स्ट्रोक अचानक से होता है लेकिन इसके कुछ लक्षण जल्दी दिखाई देने लगते हैं. अगर समय रहते इन शुरुआती लक्षणों पर ध्यान दिया जाए तो ये जान बच सकती है. इनमें से कुछ मुख्य लक्षण इस तरह है…
- मुंह के एक तरफ अचानक टेढ़ापन का एहसास
- एक या दोनों हाथों में कमजोरी या सुन्नता जैसा महसूस होना
- बोलने या समझने में कठिनाई का सामना
- लगातार या भयंकर सरदर्द की समस्या
- अचानक आंखों से कम दिखाई देना या धुंधला दिखना
- चलते समय बैलेंस खो देना या चक्कर आना
FAST फार्मूला से स्ट्रोक की पहचान ऐसे करें
- F – फेस: क्या व्यक्ति का चेहरा एक तरफ झुका हुआ है?
- A- आर्म : क्या वह दोनों हाथ ऊपर उठाने में असमर्थ है?
- S- स्पीच: क्या उसकी बातचीत अस्पष्ट हो रही है?
- T- समय: ये लक्षण दिखने पर तुरंत एम्बुलेंस को बुलाएं
(डिस्क्लेमर: इस रिपोर्ट में आपको दी गई सभी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और सलाह केवल आपकी सामान्य जानकारी के लिए है. हम यह जानकारी वैज्ञानिक अनुसंधान, अध्ययन, चिकित्सा और स्वास्थ्य पेशेवर सलाह के आधार पर प्रदान करते हैं. आपको इसके बारे में विस्तार से जानना चाहिए और इस विधि या प्रक्रिया को अपनाने से पहले अपने निजी चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए.)



