धान खरीदी शुरू होने से पहले सेवा सहकारी समिति ने दिया अनिश्चतकालीन आंदोलन का अल्टीमेटम
जांजगीर-चाम्पा। धान खरीदी सहकारी कर्मचारी संघ द्वारा आगामी 3 नवंबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन करने का फैसला लिया गया है। जिसके तारतम्य में 24 अक्टूबर शुक्रवार को जिला स्तरीय ज्ञापन रैली का आयोजन किया। ज्ञापन रैली में सैकड़ों की संख्या में सहकारी समिति के कर्मचारी शामिल हुए। इसके बाद 28 अक्टूबर को एक दिवसीय महाज्ञापन रैली का आयोजन किया जाएगा। जिसमें प्रदेश के सभी जिले के कर्मचारी शामिल होंगे। जिसमें शासन के विभिन्न मंत्रियों को कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद तीन से 11 नवंबर तक संभाग स्तरीय अनिश्चितकालीन आंदोलन प्रारंभ किया जाएगा। इसके बाद 12 नवंबर को राजधानी रायपुर में धरना स्थल पर प्रदेश स्तरीय धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष गोविंद मिश्रा, जिलाध्यक्ष रवि राठौर, मनेंद्र शुक्ला ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा कैबिनेट में धान खरीदी 15 नवंबर से जारी करने का निर्णय ले लिया है। इधर पिछले साल हुई धान खरीदी का प्रदेश के कई सोसाइटी में भी आज उठाव हेतु धान शेष है एवं समय पर समानुपात में सभी समितियों से धान उठाव नहीं होने से समितियां को करोड़ों का नुकसान भी हुआ है। जिसका सीधा असर कर्मचारियों के वेतन पर पड़ा है। गत वर्ष भी प्रदेश संगठन ने संभाग स्तरीय आंदोलन 12 दिनों तक किया था। मुख्यमंत्री ने भी प्रदेश संगठन से मिलकर मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था। यहां तक खाद्य सचिव एवं सहकारिता पंजीयक ने भी लिखित में मागों के संबंध में लिखित पत्र जारी किया था। फिर भी परिणाम शून्य निकला। अब प्रदेश के लगभग 15 हजार कर्मचारियों ने आने वाले दिनों में हड़ताल करने का फैसला लिया है। ताकि सरकार उनकी मांगों को सुने और उनके हित में कोई ठोस निर्णय ले सके।

कर्मचारियों की मांग सूत्रीय मांगे इस प्रकार हैं। जिसमे प्रदेश के 2058 सहकारी समितियों में कार्यरत कर्मचारियों को सातवें वेतनमान व अन्य सुविधायें लाभदेने हेतु प्रति वर्ष प्रत्येक समितियों को 3-3 लाख रूपये प्रबंधकीय अनुदान राशि मध्यप्रदेश सरकार की भांति दी जावे ताकि कर्मचारियों को सातवें वेतनमान सहित ग्रेज्युटी राशि सहित पेंशन, भविष्य निधि, महंगाई भत्ता दी जा सकें। सेवानियम 2018 की आंशिक संशोधन कर गत वर्ष मात्र कुछ ही बिंन्दुओं पर सेवा नियम संशोधन 2024 में की गई है। बढ़ती मंहगाई को देखते हुए अब पुनः मूल वेतन एवं अन्य भत्ता सहित समिति प्रबंधक का कुल वेतन 47300, लेखापाल 41500 आपरेटर सहलिपिक 36500 विक्रेता 31900 भृत्य एवं चौकादार 25900 रूपये पुनरीक्षित वेतनमान पर आदेश तत्काल जारी करते हुए सेवानियम 2012 अनुसार कार्यरत समिति प्रबंधकों को बैंक केडर पद में नियमित कर एवं शेष बैंक के खाली पदों पर समिति प्रबंधक सहित तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के खाली पदों पर समितियों के सहायक कर्मचारियों को 50 प्रतिशत विभागीय भर्ती एवं उम्र में शिथिलता देते हुए जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों में विभागीय भर्ती शीघ्र प्रारंभ की जावे।



