PhonePe, GPay से मत करो पेमेंट, साइबर एक्सपर्ट अमित दुबे ने बताया- UPI पेमेंट के लिए कौन से ऐप सुरक्षित?
UPI Apps vs Banking Apps : क्या PhonePe, GPay जैसे प्रमुख यूपीआई ऐप्स से यूपीआई पेमेंट नहीं करना चाहिए? साइबर एक्सपर्ट अमित दुबे ने ऐसी ही बात कही है। उन्होंने कहा है कि मैं यूपीआई ऐप्स से ऑनलाइन पेमेंट की सलाह नहीं देता हूं। इसके बजाए बैंकिंग ऐप से यूपीआई पेमेंट किया जाना चाहिए। एक वीडियो में अमित दुबे ने इसकी वजह समझाई है। क्या बताया अमित दुबे ने? आइए जानते हैं।
क्या कहा अमित दुबे ने?
‘अलग से ऐप रखने की जरूरत नहीं’
अमित दुबे ने कहा कि लोगों को अलग से ऐप लेने की जरूरत नहीं है जैसे- Google Pay, BharatPe और PhonePe। इसका कोई सेंस नहीं है क्योंकि ये ऐप सच में कुछ करती नहीं हैं। जो करता है NPCI ही करता है। इन ऐप्स के पास पेमेंट पावर नहीं है। ये NPCI को रिक्वेस्ट करती हैं। NPCI पेमेंट करके देता है। तो ये सिर्फ ‘स्किन’ (Skin) हैं। असल काम तो NPCI कर रहा है।
UPI ऐप से पेमेंट करने में फ्रॉड हो गया तो?
अमित दुबे ने ऐसा कहने की वजह भी बताई। कहा कि मान लीजिए आप Paytm से यूपीआई पेमेंट करते हैं और कोई फ्रॉड हो जाता है या PhonePe से हो जाता है या BharatPe से हो जाता है…। आप उन ऐप्स के कस्टमर पर बात करेंगे कि भाई मेरा ये हो गया है। वो कहेंगे कि ‘यार मेरे पास कोई डिटेल नहीं है, मैं तो उसको रिक्वेस्ट भेजता हूं।’ ऐसी सिचुएशन में लोगों को NPCI का पता चलता है। उन्होंने पहले नाम ही नहीं सुना होता। फ्रॉड होगा तो कहां कॉन्टैक्ट करने वाले हो?
बैंकिंग ऐप से UPI पेमेंट करने का क्या फायदा?
अमित दुबे ने बताया कि फोनपे, गूगलपे के मुकाबले अगर आप बैंकिंग ऐप से UPI कर रहे हो, तो बैंक विल टेक केयर ऑफ मेनी थिंग्स (बैंक कई चीजों का ख्याल रखेगा)। क्योंकि आपने बैंकिंग ऐप को उपयोग किया। आपको एक भरोसेमंद रिलेशनशिप मैनेजर मिलेगा अपनी बात समझाने के लिए। आपके पास एक कॉन्टैक्ट नंबर है। आपके पास कुछ तो है।
अमित दुबे की सलाह के मायने
- साइबर एक्सपर्ट की सलाह मानें तो सामान्य यूपीआई ऐप्स के मुकाबले बैंकिंग ऐप्स जैसे- एसबीआई, एचडीएफसी से यूपीआई पेमेंट करना अधिक सुरक्षित है।
- अगर पैसों से संबंधित कोई फ्रॉड होता है तो बैंकिंग ऐप्स यानी बैंक अपने ग्राहक की बेहतर मदद कर पाएंगे। लोगों को अपना पक्ष रखने के लिए सही प्लेटफॉर्म मिलेगा।
- नॉर्मल यूपीआई ऐप्स सिर्फ एक स्किन हैं। पेमेंट प्रोसेस करने के लिए वो NPCI को रिक्वेस्ट करते हैं, जोकि एक गवर्नमेंट बॉडी है।
- अमित की बातों से यह निष्कर्ष निकलता है कि यूपीआई ऐप्स पर कैशबैक जैसी सुविधा तो मिलती है लेकिन बेहतर कस्टमर सपोर्ट और सिक्योरिटी बैंकिंग ऐप्स में मिलती है।



