शासकीय हाई स्कूल देवरघटा में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित
हसौद। शासकीय हाई स्कूल देवरघटा में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पीएलवी श्रीमती भगवती भारद्वाज ने छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध, विधिक अधिकारों और विभिन्न कानूनों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में साइबर ठगी और साइबर अपराधों से बचाव के लिए साइबर जागृति अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक संचालित किया जा रहा है। अभियान का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को डिजिटल धोखाधड़ी के प्रति जागरूक करना तथा सुरक्षित इंटरनेट उपयोग की जानकारी देना है। इसके तहत विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को ऑनलाइन ठगी के तरीकों और उससे बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
पीएलवी भगवती भारद्वाज ने छात्र-छात्राओं को साइबर ठगी से बचने के लिए ओटीपी, बैंक खाता संबंधी जानकारी, पासवर्ड अथवा अन्य गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति से साझा नहीं करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अनजान नंबरों से आने वाले लिंक पर क्लिक करने से बचें। साथ ही यह भी बताया कि सरकार द्वारा किसी व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट नहीं किया जाता है। यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो घबराने के बजाय तत्काल राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत करने से ठगी गई राशि को वापस प्राप्त करने की संभावना बढ़ जाती है।
शिविर में विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के उद्देश्य एवं महत्व, निशुल्क विधिक सहायता की पात्रता, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) सहित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम एवं फेसबुक के सुरक्षित उपयोग के संबंध में जानकारी दी गई। इसके अलावा नालसा द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रम, डान योजना एवं मध्यस्थता अभियान 3.0 के बारे में भी बताया गया।
कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देते हुए बताया गया कि नालसा हेल्पलाइन 15100, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, साइबर हेल्पलाइन 1930 और महिला हेल्पलाइन 1091 पर जरूरत पड़ने पर सहायता प्राप्त की जा सकती है। साथ ही घरेलू हिंसा से संबंधित कानूनी प्रावधानों और उससे बचाव के उपायों की जानकारी भी दी गई।
शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया में सावधानी और जिम्मेदारी के साथ इंटरनेट एवं सोशल मीडिया का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।



