कोरबा जिला पंचायत विवाद : सीईओ के इंतजार में 3 घंटे धरने पर बैठे जनप्रतिनिधि, जिला पंचायत अध्यक्ष ने दी इस्तीफे की चेतावनी
कोरबा जिला पंचायत कार्यालय सोमवार को उस वक्त राजनीतिक हलचल का केंद्र बन गया, जब जिला पंचायत सीईओ के बैठक में नहीं पहुंचने से नाराज जनप्रतिनिधियों ने धरना शुरू कर दिया। जिला पंचायत अध्यक्ष पवन सिंह समेत कई सदस्य करीब तीन घंटे तक सीईओ का इंतजार करते रहे, लेकिन उनके नहीं आने पर जनप्रतिनिधियों का गुस्सा फूट पड़ा।
जानकारी के अनुसार जिला पंचायत अध्यक्ष ने विकास कार्यों और विभिन्न योजनाओं की समीक्षा को लेकर बैठक बुलाई थी, जिसमें जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग को भी उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके सीईओ बैठक में नहीं पहुंचे। इससे नाराज जनप्रतिनिधियों ने जिला पंचायत परिसर में ही धरना देते हुए सीईओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
धरने के दौरान अध्यक्ष पवन सिंह ने आरोप लगाया कि जिला पंचायत में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही और प्रशासनिक फैसले एकतरफा लिए जा रहे हैं। इससे क्षेत्र के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और जनता की अपेक्षाएं अधूरी रह जा रही हैं।
जनप्रतिनिधियों ने डीएमएफ फंड के उपयोग को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि योजनाओं के चयन और स्वीकृति में जनप्रतिनिधियों को विश्वास में नहीं लिया जाता। साथ ही विकास कार्यों में कथित कमीशनखोरी के आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की गई।
मामले की जानकारी मिलने पर प्रदेश के मंत्री लखन लाल देवांगन भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने मीडिया से चर्चा में कहा कि मामला गंभीर है और इस संबंध में कलेक्टर व जिला पंचायत सीईओ से बातचीत की जाएगी। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि यदि बातचीत से समाधान नहीं निकलता है तो संबंधित अधिकारी को हटाने की कार्रवाई भी की जाएगी।



