कोटमी सोनार पुलिस सहायता केंद्र पर गंभीर आरोप, कार्यवाही के नाम पर वसूली की चर्चा
जांजगीर-चांपा। जिले के कोटमी सोनार स्थित पुलिस सहायता केंद्र एक बार फिर चर्चा में है। यहां पदस्थ आरक्षकों पर आरोप लग रहे हैं कि वे बिना विवेचक के ही कार्रवाई करते हुए ग्रामीणों को शराब सेवन के नाम पर पकड़कर केंद्र लाते हैं और कथित रूप से मोटी रकम की मांग करते हैं। यह पूरा खेल प्रभारी के संरक्षण में चल रहा है। क्या बड़ा सवाल है?
क्षेत्रवासियों के अनुसार, शाम होते ही सरकारी वाहन में आरक्षक क्षेत्र में निकलते हैं और सड़क किनारे या मैदान में बैठे लोगों को उठाकर पुलिस सहायता केंद्र ले आते हैं। वहां सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने का आरोप लगाकर कार्रवाई की बात कही जाती है। पीड़ितों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बिना लेनदेन के छोड़ने से इनकार किया जाता है, और पैसे नहीं देने पर जेल भेजने की धमकी दी जाती है।
ग्रामीण लोगों का यह भी कहना है कि एक ओर इस तरह की कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी ओर गांव-गांव में अवैध शराब बिक्री को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि इस पर सख्ती से कार्रवाई करने के बजाय कुछ जगहों पर संरक्षण मिलने की चर्चा है।
इधर जिले की प्रभारी पुलिस अधीक्षक निवेदिता पाल द्वारा पुलिसिंग में कसावट लाने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन उन्हीं के विभाग के कुछ जिम्मेदारों पर इस तरह के आरोप सामने आने से व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
गौरतलब है कि कोटमी सोनार में पुलिस सहायता केंद्र की स्थापना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई थी। ऐसे में अब देखना होगा कि इन आरोपों पर पुलिस अधीक्षक क्या संज्ञान लेती हैं और संबंधित आरक्षकों पर किस प्रकार की कार्रवाई होती है।



