शहीद की द्वितीय
पुण्यतिथि पर नम हुईं आंखें
सकती-हसौद : शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशां होगा। वाकई देश, धर्म के लिए अपने आपको न्यौछावर करने वाले वीर सपूतों की याद में हर वर्ष उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी जाती हैं, ऐसे उनके गांवों में मेले जैसा माहौल देखने को मिलता है।
नक्सली हमले में शहीद जवान कमलेश साहू जी की “द्वितीय पुण्यतिथि” पर अश्रुपुरित श्रद्धांजलि कार्यक्रम रखा गया है 13 दिसंबर 2023 को नारायणपुर जिले के छोटेडोंगर थाना क्षेत्र स्थित अमदाई घाटी में हुए नक्सली हमले में आईईडी विस्फोट के दौरान आरक्षक कमलेश साहू शहीद हो गए थे।
कमलेश साहू का जन्म 7 अक्टूबर 1993 को छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के हसौद में हुआ था। पिता मुंगेश्वर साहू, माता तारा बाई,छोटेभाई यशवंत साहू ।कमलेश अपने माता-पिता के बड़े पुत्र थे। बचपन से ही कमलेश में सेवा और कर्तव्य के प्रति गहरी निष्ठा थी। बड़े होकर उन्होंने छत्तीसगढ़ पुलिस में भर्ती होकर देश सेवा की राह चुनी। पुलिस बल में रहते हुए वे नक्सल विरोधी अभियानों का हिस्सा बने और अपनी बहादुरी का परिचय देते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। शनिवार को आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उनकी वीरता को याद किया गया।गांव में बने शहीद स्थल पर स्थापित प्रतिमा में थाना प्रभारी राजेश पटेल के अलावा शहीद के पिता मुंगेश्वर साहू,माता तारा बाई,यशवंत साहू छोटा भाई,सुशीला सिन्हा सभापति, राजेश पटेल टी आई हसौद एवं उनके घर के आस पास के सभी सदस्य और ग्रामीण सहित बड़ी तादाद में गांव के लोगों ने शहीद लाल को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।



