दुर्ग पुलिस के ऑपरेशन विश्वास के तहत थाना उतई पुलिस ने एक बड़े ठगी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने भारतीय रेलवे के माल गोदाम में स्थायी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 32 बेरोजगार युवकों से कुल 33 लाख 50 हजार रुपये की ठगी की थी।
पीड़िता रीति देशलहरा, निवासी वेदांत नगर उमरपोटी, ने थाना उतई में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वर्ष 2022 के नवरात्रि पर्व के दौरान उसके परिचित बिशेश्वर मारकंडे उर्फ बिसेसर उर्फ गुप्ता ने उसके घर आकर दावा किया कि वह भारतीय रेलवे माल गोदाम में नौकरी लगवाता है और वह स्वयं वहां का “लीडर” है। उसने प्रति व्यक्ति 2.50 लाख रुपये लेकर तीन महीने के भीतर नौकरी दिलाने का झूठा भरोसा दिया।
24 दिसंबर 2022 से 24 अप्रैल 2023 के बीच आरोपी ने अपने साथियों प्रमोद कुमार मारकंडे और हेमंत कुमार साहू के साथ मिलकर कुल 28 युवकों से नौकरी लगाने के नाम पर रकम वसूली। परंतु नौकरी न लगने पर जब पीड़ितों ने पैसे मांगे, तो आरोपी लगातार गुमराह करते रहे।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि—
बिशेश्वर मारकंडे रेलवे माल गोदाम रसमंडा में हमाली का काम करता था।
हेमंत साहू, जो श्रमिक संगठन का सचिव था, बेरोजगार युवकों से रकम लेकर कमीशन बांटता था।
ठगे गए पैसों से आरोपियों ने वाहन खरीदे, घर में खर्च किया और रकम गबन कर ली।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹2,22,000 नकद, 02 कार, 01 इलेक्ट्रिक ओला स्कूटी, 04 मोबाइल, बैंक पासबुक, एटीएम और अन्य दस्तावेज जप्त किए हैं
तीनों आरोपियों को 21 नवंबर 2025 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा हेतु कोर्ट में पेश किया गया।
गिरफ्तार आरोपी—
1. बिशेश्वर मारकंडे उर्फ बिसेसर उर्फ गुप्ता (58 वर्ष)2. प्रमोद कुमार मारकंडे उर्फ राहुल (23 वर्ष)दोनों निवासी ग्राम चारभाटा ठेकुआ, थाना रानीतराई, जिला दुर्ग3. हेमंत कुमार साहू (37 वर्ष), निवासी सरोना चौक, थाना आमानाका, जिला रायपुर



